लोककला संस्कृति का अनूठा प्रशिक्षण 160 कलाकारों ने लिया – डाॅ मुन्नालाल देवदास 

लोककला संस्कृति का अनूठा प्रशिक्षण 160 कलाकारों ने लिया – डाॅ मुन्नालाल देवदास 

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✍🏻”लोकहित 24 न्यूज़ एक्सप्रेस लाइव” प्रधान संपादक– सैयद बरकत अली की रिपोर्ट गरियाबंद (छत्तीसगढ़)

लोककला संस्कृति का अनूठा प्रशिक्षण 160 कलाकारों ने लिया – डाॅ मुन्नालाल देवदास

छत्तीसगढ़ की लोककला संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए अनुभवी एवं सिद्धहस्त कलाकारों के द्वारा 160 नवोदित कलाकारों को प्रशिक्षण दिया गया । इस अनूठे प्रशिक्षण में हमारी संस्कृति के प्रतीक रामचरितमानस के व्याख्यान पक्ष को और गायन वादन पक्ष में लोकसंगीत और शास्त्रीय संगीत विधा के मूल बातों को नवोदित कलाकारों को सिखाया गया । जिसका सकारात्मक लाभ हमें गाँवों में आयोजित होने वाले विभिन्न मानस मंचों और लोककला मंचों में देखने को मिलेगा। यह हमारी सांस्कृतिक जनजागरण का एक अच्छा माध्यम बनेगा। ऐसा आयोजन छत्तीसगढ़ में होते रहना चाहिए, यह विचार समापन समारोह के अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कृत प्रधान पाठक, साहित्यकार एवं श्री दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म अवार्डी गीतकार डाॅ मुन्नालाल देवदास ने दी ।
इस संदर्भ में हमारे न्यूज संवाददाता ने बताया कि भव्य समापन समारोह में छत्तीसगढ़ की स्वर कोकिला अलका चंद्राकर और ख्यातिप्राप्त लोकगायक महादेव हिरवानी ने गीत संगीत के साथ समा बांधा , प्रशिक्षार्थियों ने भी मंच पर सामूहिक गायन वादन की मनमोहक प्रस्तुति दी। इस अवसर पर डाॅ देवदास ने अपनी पुस्तक कौशल्या जन्मभूमि छत्तीसगढ़, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री ने किया था, उसे अतिथियों को सप्रेम भेंट किया। फिर सबका प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। इसी मंच पर अलग अलग दिनों में अलग अलग कलाकारों ने प्रस्तुति दी, जिसमें स्वर्णा दिवाकर गरिमा दिवाकर, विवेक शर्मा, जादूगर चंद्रकांत सेन आदि प्रमुख है।

कार्यक्रम के शुभारंभ में अध्यक्ष धनराज साहू लोक कलाकार संरक्षण समिति बागबाहरा जिला महासमुंद ने जानकारी दी कि मानस के व्याख्यान पक्ष में श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़ के प्रशिक्षक – त्रेता चंद्राकर, लिलार सिन्हा , बलराम साहू , भरत कौशिक, चिंताहरण पटैल, चिंताराम सेन और किरण छत्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उसी प्रकार गायन वादन पक्ष में खैरागढ संगीत विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित शिक्षक शुभमदास महंत, कमलादेवी संगीत विद्यालय से डेविड निराला, बालेश साहू, लक्षमण साहू, पालेश्वर ध्रुव, मनोज यादव, हर्ष मेश्राम, मिनेश साहू, अविनाश कोसे, किसून पाटले, निजाम दीवान, विश्राम यादव आदि ने नवोदित कलाकारों को मार्गदर्शन दिया ।

आगे उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण की शुरुआत 2019 से हुई है, इस साल सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से कुल 160 नवोदित कलाकारों ने भाग लिया। अब तक इस प्रशिक्षण से 300 नवोदित कलाकार लाभान्वित हो चुके हैं। इतनी भीषण गर्मी में भी उत्साह पूर्वक प्रशिक्षण लेना कलाकारों की कला संस्कृति के प्रति समर्पण की भावना को दर्शाता है। इस कार्यशाला को सफल बनाने में समिति के समस्त पदाधिकारियों चिंता राम सेन, किरण छत्रे, बालेश साहू, हरिकेश महानंद, हबीब खान, गौतम जैन, हरिराम यादव, डिमान सेन, पारस पटैल, टीकम पटैल, महेन्द्र साहू और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों का विशेष योगदान रहा।

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