विश्व सड़क यातायात पीड़ितों की स्मृति दिवस पर ISBM University के इंजीनियरिंग विभाग ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

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छुरा–:–विश्व सड़क यातायात पीड़ितों की स्मृति दिवस 2025 के अवसर पर ISBM University नवापारा (कोसमी), छुरा, जिला गरियाबंद (छत्तीसगढ़) के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा एक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देना, घायलों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करना और समाज को सुरक्षित यातायात के महत्व से अवगत कराना था। पूरे आयोजन का सफल संचालन कार्यक्रम समन्वयक श्री संजीव जांगड़े द्वारा किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों और छात्र-छात्राओं द्वारा दीप प्रज्वलन तथा सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों की स्मृति में दो मिनट के मौन के साथ हुई। इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष ने अपने संबोधन में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की और बताया कि भारत में प्रतिदिन सैकड़ों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। उन्होंने कहा कि ISBM University के इंजीनियरिंग छात्र भविष्य के तकनीकी विशेषज्ञ हैं, इसलिए उन्हें सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समाधान खोजने की दिशा में योगदान देना होगा।
कार्यक्रम में उपस्थित इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष श्री टाकेश्वर कौशिक जीने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक को सुरक्षित यातायात को अपनाना होगा। उन्होंने ISBM University की पहल की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी संस्थानों का योगदान भविष्य में सड़क सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम का सबसे संवेदनशील हिस्सा तब आया जब एक सड़क दुर्घटना में अपने परिजन को खो चुके व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा किया। उनकी भावनात्मक बातों ने पूरे समारोह को गहरा संदेश दिया कि सड़क पर की गई एक छोटी-सी लापरवाही किसी परिवार के जीवन को पूरी तरह बदल सकती है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम समन्वयक श्री संजीव जांगड़े के मार्गदर्शन, छात्रों की सक्रिय भागीदारी और फैकल्टी सदस्यों के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल और प्रभावपूर्ण रहा।यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि का माध्यम बना, बल्कि तकनीक, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बनकर सामने आया।

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