प्रति दैनिक व्यावसायिक प्रशिक्षकों के द्वारा लंबित मानदेय वृद्धि एवं आगामी वार्षिक कार्ययोजना बजट में उचित मानदेय हेतु प्रस्तावों के लिए समग्र शिक्षा सहायक संचालक को पत्र प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया

प्रति दैनिक व्यावसायिक प्रशिक्षकों के द्वारा लंबित मानदेय वृद्धि एवं आगामी वार्षिक कार्ययोजना बजट में उचित मानदेय हेतु प्रस्तावों के लिए समग्र शिक्षा सहायक संचालक को पत्र प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया

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प्रति दैनिक व्यावसायिक प्रशिक्षकों के द्वारा लंबित मानदेय वृद्धि एवं आगामी वार्षिक कार्ययोजना बजट में उचित मानदेय हेतु प्रस्तावों के लिए समग्र शिक्षा सहायक संचालक को पत्र प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया ।

रायपुर/गरियाबंद–:–प्रति दैनिक व्यावसायिक प्रशिक्षकों के द्वारा लंबित मानदेय वृद्धि एवं आगामी वार्षिक कार्ययोजना बजट में उचित मानदेय हेतु प्रस्तावों के लिए समग्र शिक्षा सहायक संचालक को पत्र प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया जिसे अधिकारीयों द्वारा बड़ी गंभीरता से विचार विमर्श कर शिक्षा सचिव के समक्ष उपरोक्त व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लंबित मानदेय वृद्धि एवं आगामी वार्षिक कार्ययोजना बजट में उचित मानदेय प्रदान करने हेतु आवश्यक चर्चा की करने का आश्वासन दिया गया। .
राज्य सरकार, छत्तीसगढ़ द्वारा केंद्र सरकार को समग्र शिक्षा के अंतर्गत प्रतिवर्ष वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट (AWP&B) के माध्यम से विभिन्न शैक्षणिक एवं मानव संसाधन संबंधी प्रस्ताव प्रेषित किए जाते हैं। इन्हीं प्रस्तावों के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के वेतन हेतु राशि का निर्धारण एवं माँग भी राज्य सरकार द्वारा की जाती है।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों को ₹23,000/- (तेईस हजार रुपये) प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार द्वारा व्यावसायिक प्रशिक्षकों के वेतन में ₹1,000/- (एक हजार रुपये) की वृद्धि करते हुए वार्षिक बजट प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत भी किया गया।
किन्तु अभी तक राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत उक्त ₹1,000/- की वेतन वृद्धि राशि आज पर्यन्त तक व्यावसायिक प्रशिक्षकों को वेतन वृद्धि के रूप में प्राप्त नहीं हुई है। इससे प्रशिक्षकों में गहरा असंतोष व्याप्त है तथा आर्थिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं।
जैसे की असम, जम्मू-कश्मीर तथा हरियाणा जैसे राज्यों में वहाँ की राज्य सरकारों द्वारा व्यावसायिक प्रशिक्षकों को अपेक्षाकृत अधिक एवं सम्मानजनक वेतन प्रदान किया जा रहा है, जिससे वहाँ कार्यरत प्रशिक्षक वर्तमान महँगाई के दौर में अपेक्षाकृत बेहतर जीवन-यापन कर पा रहे हैं।
इसके विपरीत, छत्तीसगढ़ राज्य में लंबे समय से कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षक सीमित वेतन में निरंतर शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, जबकि महँगाई, पारिवारिक दायित्व एवं जीवन-यापन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
अतः नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ यह मांग रखा गया है कि—
1. पूर्व वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत ₹1,000/- की वेतन वृद्धि को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा अब तक की अप्राप्त राशि एरियर्स के रूप में प्रदान की जाए।
2. वर्तमान वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले AWP&B प्रस्ताव में, असम, जम्मू-कश्मीर एवं हरियाणा जैसे राज्यों की भाँति व्यावसायिक प्रशिक्षकों हेतु एक सम्मानजनक एवं युक्तिसंगत वेतन संरचना की स्पष्ट माँग शामिल की जाए।
3. भविष्य में स्वीकृत वेतन वृद्धि का लाभ समयबद्ध एवं नियमित रूप से प्रशिक्षकों को प्रदान किए जाने हेतु स्पष्ट प्रशासनिक आदेश जारी किए जाएँ।
यह जानकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री भूपेश साहू एवं सचिव श्री अभिषेक ताम्रकार के द्वारा समस्त छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसयिक प्रशिक्षक कल्याण की ओर से दी गयी

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