गरियाबंद जिले का पहला “नवाचार प्रदर्शनी कार्यक्रम–2026”

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गरियाबंद जिले का पहला “नवाचार प्रदर्शनी कार्यक्रम–2026”

छुरा–:–आईआईसी–आईएसबीएम विश्वविद्यालय में 30 जनवरी को जुटेंगे 20 से अधिक विद्यालयों के नवाचारी विद्यार्थी
गरियाबंद (छत्तीसगढ़)
इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी), आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद के तत्वावधान में दिनांक 30 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में “नवाचार प्रदर्शनी कार्यक्रम–2026” का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन गरियाबंद जिले का पहला एवं विशिष्ट नवाचार मंच होगा, जिसमें विद्यालय स्तर के विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक, रचनात्मक एवं नवाचारी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयी विद्यार्थियों में नवाचार की भावना विकसित करना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना तथा समस्याधारित एवं प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना है। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही अनुसंधान, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यक्रम में गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत 20 से अधिक शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के चयनित छात्र-छात्राएं सहभागिता करेंगे। विद्यार्थी अपने द्वारा तैयार किए गए चलित मॉडल, वैज्ञानिक पोस्टर, प्रोटोटाइप एवं नवाचारी परियोजनाओं का प्रदर्शन करेंगे, जो समाज से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक एवं रचनात्मक समाधान प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, संबंधित विद्यालयों के प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उनकी उपस्थिति विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी तथा वे छात्रों को नवाचार, अनुसंधान एवं वैज्ञानिक सोच की दिशा में आगे बढ़ने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष, प्रोफेसर डॉ. एन. कुमार स्वामी ने बताया कि, “नवाचार प्रदर्शनी कार्यक्रम–2026 का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर ही विद्यार्थियों में नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच की मजबूत नींव रखना है। ऐसे मंच विद्यार्थियों को भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करते हैं।” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तुत सभी नवाचारों का विशेषज्ञ समिति द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं आकर्षक ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण पत्र तथा सहभागी विद्यालयों को भी सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह आयोजन विद्यालयों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के मध्य शैक्षणिक समन्वय, नवाचार संस्कृति एवं वैज्ञानिक चेतना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति, आत्मनिर्भर भारत तथा इक्कीसवीं सदी की कौशल-आधारित शिक्षा से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया जाएगा। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, कुलपति, कुलसचिव एवं सभी अधिष्ठाताओं द्वारा अग्रिम रूप से शुभकामनाएँ प्रदान की गई हैं।

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