सर्व समाज हिन्दू सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम कांदा डोंगर परिक्षेत्र अमलीपदर में हुआ आयोजन

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गरियाबंद/देवभोग–:–01 फरवरी 2026 , दिन – रविवार को समय 10.00 बजे से दोपहर 02.00 बजे तक हिन्दू जागरण की दिशा को नई ऊर्जा एवं चेतना प्रदान करने हेतु सर्व हिन्दू समाज ग्राम कांदा डोंगरे परिक्षेत्र अमलीपदर में सनातन संस्कृति, धर्म और एकता के प्रतिक हिन्दू सम्मेलन सत्र -2026 में भव्य कार्यक्रम आयोजन रखी गई थी, जिसमें अतिथियों व विशिष्ट अतिथियों के करकमलों द्वारा भारत माता कि छायाचित्र पर पुष्प माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा अर्चना किया गया, उक्त कार्यक्रम को सफल क्रियान्वयन हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर सम्मेलन समारोह कार्यक्रम को हर्षोल्लास से मनाई गई।इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमद् बाबा उदय नाथ ने इस भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज बड़ी गर्व कि बात है कि देश में ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरों में हिन्दू सम्मेलन समारोह आयोजित कि गई है, इसका मुख्य उद्देश्य है कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और सनातन धर्म के मूल्यों को पुनः स्मरण किए जाने विशाल हिन्दू सम्मेलन एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजन रखी गई थी, इस कार्यक्रम का प्रत्येक चरण समाज को उसकी जड़ों से जोड़ने का प्रयास करता है, हिन्दू समाज की सबसे बड़ी विशेषता उसकी विविधता है,यही विविधता जब संवाद में बदलती है,तब शक्ति बनती है। और जब उपेक्षा में बदलती है तब विभाजन का कारण बनती है,यह सम्मेलन उसी संवाद को पुनः जीवित करने का प्रयास है, जहां जाति,पद और पहचान से ऊपर उठकर समाज स्वयं से प्रश्न करता है, इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष सम्मान समारोह है, यहां सम्मान पक्षों का नहीं बल्कि सेवा प्रतीक है।

कार्यक्रम को आगे गति प्रदान देते हुए विशिष्ट अतिथि लक्ष्मी ताम्रकार ने बताई कि -‘ माता निर्माता भवति ‘ अर्थात समाज में बच्चों की पहली शिक्षक मां होती है, परिवार में संस्कार का निर्माण मां से ही होता है। भारतीय संस्कृति और परंपरा में कुटुम्ब का विशेष महत्व है, भारतीय आध्यात्मिक दृष्टि से यह कुटुम्ब यानी ” मैं से हम की यात्रा” का पहला चरण है। शहरीकरण और जीवन की आपाधापी बढ़ने के कारण कुटुंब छोटे हुए हैं, इसी लिए परिवार के सब लोगों को एक साथ बैठना, निश्चित समय पर घर पर रहना,भजन करना, घर में बनाया हुआ भोजन करना चाहिए, नागरिक कर्तव्यों के व्यक्तित्व पालन के साथ -साथ इसके अनुरूप समाज के नाते सामुहिक स्वभाव को विकसित करना भी आवश्यक है। अन्यथा कुछ ग़लत तत्व पूरे समाज को अनियंत्रित भीड़ जैसा परिवर्तित करते हुए किसी भी विषय पर दबाव से अनुचित बातें को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं। अपने बच्चों को उपर्युक्त की सीख देने के लिए परिवार में समरसता एवं स्वदेशी जीवन शैली का आग्रह बनाए रखना है। भाषा, भूषा,भजन, भोजन, भवन, भ्रमण,इन सब में जीवन मूल्यों की दृष्टि से हमें आज के युवा वर्ग को प्रेरित एवं संक्रिय करनी की आवश्यकता है। नागरिक कर्त्तव्य के तहत अपने कुटुम्ब में हम लोग अपने बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करते हैं, उन्हें क्या सिखाते है, इसके बारे में सजगता जरूरी है।

मुख्य वक्ता अभिमन्यु ध्रुव भारतीय किसान संघ जिला पालक अधिकारी गरियाबंद, जनजाति गौरव समाज जिला प्रवक्ता द्वारा उद्बोधन में कहा कि, जातिवाद समाज के लिए वायरस है, हमें इसे मिलकर दूर करना होगा , समाज में व्याप्त भेदभाव को प्रत्येक स्तर पर समाप्त करने हेतु संक्रिय रहें, समाज में सदभाव एवं सहकार विकसित करने में योगदान दें। अभी तक शेष औपनिवेशिक विचार एवं आचरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करें और उनको निष्प्रभावी बनाने में योगदान दें। आवश्यक वैकल्पिक सांस्कृतिक मूल्यों एवं परंपराओं को प्रभावी बनाने में योगदान दें। स्वदेशी भाव बोध के साथ स्वस्थ रहकर देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पूंजी वितरण को सुचारू और विकेंद्रित बनाने में योगदान दिया जाना चाहिए। एक पंक्ति में बैठकर बिना किसी भेदभाव के भोजन करना भारतीय सामाजिक दर्शन का मूल है,यही समरसता इस कार्यक्रम की आत्मा है। उन्होंने और भी यह बताया कि सामाजिक उत्तरदायित्व की शुरुआत ऐसे मंच को केवल आयोजन न मानकर समाज में सम्मान सहयोग और संवाद की संस्कृति मजबूत होती हैं, दुर्भाग्य से हमारे समाज के कुछ वर्गों को अस्पृश्यता का दंश झेलना पड़ रहा है।वे आज भी शिक्षा, सुविधाओं और सम्मान से वंचित हैं,यह सरासर और अमानवीय है। इस अन्याय को दूर कर सबको साथ लेकर आगे बढ़ने के प्रयास सामाजिक समरसता के माध्यम से आरंभ हुई है,हमारा समरस हिन्दू समाज विभिन्न जातियों के नाम से जाना जाता है, लेकिन इसके कारण कभी भी समाज में छूआछूत, भेदभाव नहीं रहा। सभी जाति एवं समुदाय के प्रमुख एक साथ बैठकर कुछ भी साझी समस्याओं और चुनौतियों पर विचार करने तथा उबरने के सामूहिक प्रयास करें यह आवश्यक है। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुख्य अतिथि श्रीमद् बाबा उदय नाथ, विशेष अतिथि लक्ष्मी ताम्रकार, मुख्य वक्ता अभिमन्यु ध्रुव भारतीय किसान संघ जिला पालक अधिकारी गरियाबंद जनजाति गौरव समाज जिला प्रवक्ता,हलमन ध्रुवा,हेमोबाई नागेश, केशरीसिंह नागेश, प्रहलाद ध्रुव,चेतन दिवान,गोरे लाल ध्रुवा, पुनीत राम नागेश व अन्य सभी अमलीपदर के वरिष्ठ समाजसेवीओं बुजुर्ग महिला पुरुष, युवा युवती,जेष्ठ श्रेष्ठ आम नागरिक सहित कई लोग उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल हुए।

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