गरियाबंद में इतिहास रचने जा रहा एलुमिनी महाकुंभ, 1970 से 2025 तक के विद्यार्थी एक मंच पर,वो स्कूल, वो दोस्त, वो छुट्टी की घंटी… 56 साल बाद जब पीढ़ियाँ मिलेंगी, तब फिर गूंजेगी यादों की आवाज़।

गरियाबंद में इतिहास रचने जा रहा एलुमिनी महाकुंभ, 1970 से 2025 तक के विद्यार्थी एक मंच पर,वो स्कूल, वो दोस्त, वो छुट्टी की घंटी… 56 साल बाद जब पीढ़ियाँ मिलेंगी, तब फिर गूंजेगी यादों की आवाज़।

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गरियाबंद में इतिहास रचने जा रहा एलुमिनी महाकुंभ, 1970 से 2025 तक के विद्यार्थी एक मंच पर,वो स्कूल, वो दोस्त, वो छुट्टी की घंटी… 56 साल बाद जब पीढ़ियाँ मिलेंगी, तब फिर गूंजेगी यादों की आवाज़।

गरियाबंद–:–एलुमिनी मीट केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्मृतियों, संस्कारों और संबंधों का जीवंत संगम होता है। ऐसा ही एक ऐतिहासिक और भावनात्मक आयोजन गरियाबंद में होने जा रहा है, जहाँ 1970 से लेकर 2025 तक शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गरियाबंद में पढ़े हजारों विद्यार्थी 08 फरवरी 2026 को एक बार फिर अपने स्कूल प्रांगण में जुटेंगे।

यह आयोजन न केवल पुराने दोस्तों और शिक्षकों के पुनर्मिलन का अवसर बनेगा, बल्कि पीढ़ियों के बीच अनुभव, मार्गदर्शन और प्रेरणा का सेतु भी बनेगा। दशकों पुरानी यादें, वही मैदान, वही पेड़, वही बेंच और वही स्कूल की घंटी—सब कुछ एक बार फिर जीवंत होने जा रहा है।

सबसे बड़े गेट-टू-गेदर की नींव

इस ऐतिहासिक एलुमिनी मीट की शुरुआत समाजसेवी एवं अधिवक्ता प्रशांत मानिकपुरी की पहल से हुई। उन्होंने पूर्व छात्रों को जोड़ने के उद्देश्य से सबसे पहले “बॉयज़ हायर सेकेंड्री स्कूल गरियाबंद” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया।
धीरे-धीरे यह ग्रुप आंदोलन का रूप लेता चला गया—हर बैच ने अपने पुराने साथियों को जोड़ा और आज इस ग्रुप से 1025 से अधिक पूर्व छात्र जुड़ चुके हैं।

आयोजन को व्यवस्थित रूप देने के लिए गूगल फॉर्म भी तैयार किया गया।
• फॉर्म भरने की अंतिम तिथि पहले 05 फरवरी 2026 थी
• जिसे सर्वसम्मति से बढ़ाकर 06 फरवरी 2026, सायं 05 बजे तक कर दिया गया है
• अब तक लगभग 250 पूर्व छात्र फॉर्म भर चुके हैं

आयोजकों ने सभी पूर्व विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अपने-अपने सहपाठियों को आग्रहपूर्वक फॉर्म भरने के लिए प्रेरित करें।

एलुमिनी मीट का उद्देश्य

यह आयोजन सिर्फ मिलने का अवसर नहीं, बल्कि—
• शिक्षकों का सम्मान
• अनुभवों का साझाकरण
• वर्तमान पीढ़ी को मार्गदर्शन
• और संस्थान से भावनात्मक जुड़ाव
को मजबूत करने का मंच बनेगा।

देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं दे रहे पूर्व छात्र एक दिन के लिए फिर से छात्र बनेंगे और अपने गुरुओं के चरणों में कृतज्ञता प्रकट करेंगे।

1970 से 2025 तक की पीढ़ियाँ — एक ही आंगन में मानो सपना पूरा हुआ हो – प्रशांत मानिकपुरी

इस भव्य एलुमिनी मीट “संगवारी-भेंट 2026” में 1970 से लेकर 2025 तक इस विद्यालय में पढ़े विद्यार्थी एक मंच पर जुटेंगे।कोई 50 साल बाद मिल रहा होगा, कोई 30 साल बाद…लेकिन जैसे ही नज़रें मिलेंगी, उम्र का फासला मिट जाएगा।
वही मैदान,वही पेड़,वही बेंच,और वही स्कूल की घंटी—सब कुछ फिर से ज़िंदा हो उठेगा। अधिवक्ता एवं ग्रुप एडमिन प्रशांत मानिकपुरी ने बताया— इस शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से पढ़े विद्यार्थी आज छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं। लेकिन दिल में आज भी गरियाबंद और यह स्कूल बसा हुआ है।मैं जानता हूँ कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सभी अपने-अपने कामों में व्यस्त हैं, लेकिन मन के किसी कोने में अपने स्कूल, अपने दोस्तों और अपने शिक्षकों की यादें आज भी जिंदा हैं।
हम चाहते हैं कि एक दिन ऐसा आए, जब हम सब परिवार की तरह उसी स्कूल के प्रांगण में बैठें—वही पेड़, वही मैदान, वही बेंच, वही स्कूल की घंटी और वही शिक्षक।
मैंने तो कुछ लोगों से इस ग्रुप की शुरुआत की थी, लेकिन आज 1024 से अधिक साथी जुड़ चुके हैं। हर बैच ने अपने दोस्तों को जोड़ा और यह कारवां यहाँ तक पहुँचा।

08 फरवरी का दिन इतिहास बनने वाला है, जब छत्तीसगढ़ और देश के दूर-दराज़ इलाकों से लोग गरियाबंद पहुँचेंगे और अपनी जड़ों से फिर जुड़ेंगे।”

कार्यक्रम विवरण

कार्यक्रम का नाम: संगवारी-भेंट 2026
दिनांक: 08 फरवरी 2026 (रविवार)
समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तकस्थान:
शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गरियाबंद जिला – गरियाबंद (छत्तीसगढ़) आयोजक प्राचार्य एवं अध्यक्ष
शाला प्रबंधन विकास समिति
पी.एम. श्री शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय गरियाबंद,शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गरियाबंद)

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