शासकीय महाविद्यालय और कन्या छात्रावास में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न

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शासकीय महाविद्यालय और कन्या छात्रावास में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न

खरगोन –:–प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर द्वारा शासकीय महाविद्यालय, बड़वाह तथा शासकीय अनुसूचित जाति/जनजाति कन्या छात्रावास, बड़वाह में 19 फरवरी को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर सुश्री प्रीति जैन ने अयोजित विधिक साक्षरता शिविरों में कहा कि वर्तमान में विद्यार्थी अधिक मोबाइल का उपयोग करते हैं, जिसमें अनावश्यक ऑनलाइन गेम खेलते हैं, मोबाइल पर रील बनाते हैं एवं घंटों मोबाइल पर रहते हैं, जिससे वे डिप्रेशन के शिकार भी हो जाते हैं और उनका मानसिक स्वास्थ्य भी खराब हो जाता है। मोबाइल का उपयोग भी सावधानीपूर्वक करना चाहिए। किसी व्यक्ति को गलत संदेश या गलत फोटो नहीं भेजना चाहिए क्योंकि यह साइबर अपराध कहलाता है।
पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि घूरकर बुरी नियत से देखना, पीछा करना या सोशल मीडिया पर फॉलो करना, अश्लील कमेंट्स करना अपराध की श्रेणी में आता है। किसी के साथ यदि ऐसी कोई घटना होती है तो उसकी शिकायत पुलिस से जरूर करनी चाहिए। पुलिस आम जनता एवं पीड़ित की मदद के लिए सदैव सजग एवं सहयोगी होती है। शिकायत करने वाली बालिका का नाम-पता गोपनीय रखा जाता है। मोटर व्हीकल एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि वाहन चलाते समय सावधानी बरतनी चाहिए तथा बिना लाइसेंस और बिना बीमा के वाहन चलाना नहीं चाहिए। हम सभी को यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही पीड़ित प्रतिकर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित महिलाओं को सरकार की ओर से उक्त योजना के अंतर्गत उसके पुनर्वास, मेडिकल एवं क्षतिपूर्ति सहायता दिलायी जाती है।
जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई ने विद्यार्थियों को विधिक सेवा की जानकारी देते हुए कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में शिक्षा का बहुत बड़ा महत्व होता है। विद्यार्थियों को अपने जीवन में शिष्टाचार जरूर सीखना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को कानून की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। विधिक सेवा आम जन को कानूनी रूप से साक्षर बनाती है। विधिक सेवा द्वारा जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता एवं सलाह दी जाती है। प्रत्येक व्यक्ति को संवैधानिक अधिकारों एवं दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। शिविर में नालसा की नशा मुक्ति योजना, बाल विवाह, बाल श्रम, बेघर बच्चों की पहचान कर उन्हें बचाना तथा उनका समुचित पुनर्वास करने, नालसा की हेल्पलाइन नम्बर 15100 योजना, नालसा (तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक साक्षरता शिविर) योजना अंतर्गत विस्तृत जानकारी दी गई। उक्त शिविर में स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खरगोन के प्राध्यापक डॉ. सुरेश वास्के, प्राध्यापक डॉ. राजेन्द्र चौहान एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं।

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