आईएसबीएम विश्वविद्यालय में अंतर-संस्थागत नवाचार प्रतियोगिता 2026 का भव्य आयोजन,छात्र नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया

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आईएसबीएम विश्वविद्यालय में अंतर-संस्थागत नवाचार प्रतियोगिता 2026 का भव्य आयोजन,छात्र नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया

छुरा–:–आईएसबीएम विश्वविद्यालय, नवापारा (कोसमी), गारीयाबंद में संस्थान नवाचार परिषद के तत्वावधान में आयोजित अंतर-संस्थागत नवाचार प्रतियोगिता 2026 का आयोजन अत्यंत सफल, प्रेरणादायी एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस नवाचार महोत्सव ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मक क्षमता एवं सामाजिक दायित्वबोध को सशक्त मंच प्रदान करते हुए शिक्षा और समाज के बीच नवाचार की मजबूत कड़ी स्थापित की।

कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय कुलपति महोदय द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन के पश्चात कुलपति महोदय, आमंत्रित अतिथियों एवं संस्थान नवाचार परिषद द्वारा चयनित विशेषज्ञ निर्णायक मंडल ने प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण कर विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नवाचारी प्रतिरूपों का गहन अवलोकन किया। इस दौरान निर्णायकों ने प्रतिभागियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी अवधारणा, तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान क्षमता तथा प्रतिरूपों की सामाजिक उपयोगिता पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।

निर्णायक मंडल ने अपने अवलोकन में स्पष्ट किया कि प्रस्तुत नवाचार केवल शैक्षणिक प्रयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्थानीय एवं सामाजिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते हैं। ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण तथा सतत विकास जैसे विषयों पर आधारित प्रतिरूपों ने सभी का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

प्रदर्शनी उपरांत विश्वविद्यालय के सभागार में सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बी. पी. भोल, विशिष्ट अतिथि छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. डॉ. सुभाषिश बिस्वास तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान नवाचार परिषद के अध्यक्ष प्रो. डॉ. एन. कुमार स्वामी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक श्री टेकेश्वर कौशिक की सक्रिय भूमिका उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं राजकीय गीत के साथ किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण में गरिमा और अनुशासन का संचार हुआ। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को दर्शाते हुए लोकनृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी गई, जिसे सश्मिता एवं अंजलि के समूह ने प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक क्रम में अजय यादव द्वारा वाद्य यंत्र के साथ प्रस्तुत सुमधुर गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उद्बोधन सत्र में कुलसचिव डॉ. बी. पी. भोल ने कहा कि नवाचार केवल नए विचारों की संख्या नहीं, बल्कि सोच की गहराई, समस्या की सही पहचान और समाधान की गुणवत्ता पर आधारित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विचार, प्रक्रिया और क्रियान्वयन के माध्यम से नवाचार को सशक्त बनाने का संदेश दिया। वहीं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. डॉ. सुभाषिश बिस्वास ने दैनिक जीवन की छोटी-छोटी आवश्यकताओं से उत्पन्न नवाचारों को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया।

संस्थान नवाचार परिषद के संयोजक श्री टेकेश्वर कौशिक ने परिषद की गतिविधियों, उद्देश्यों एवं विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान के लिए प्रदान किए जा रहे मार्गदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिषद विद्यार्थियों को नवाचार के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में भी प्रेरित कर रही है।

इस प्रतियोगिता में गारीयाबंद जिले के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं द्वारा लगभग बीस नवाचारी प्रतिरूप प्रस्तुत किए गए, जिनका मूल्यांकन तकनीकी दक्षता, नवाचार क्षमता एवं सामाजिक उपयोगिता के आधार पर किया गया। निर्णायक मंडल के निर्णयानुसार सौर ऊर्जा आधारित प्रतिरूप प्रस्तुत करने वाले शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, गारीयाबंद के छात्र-छात्राओं को प्रथम स्थान, अपघटन प्रणाली आधारित प्रतिरूप प्रस्तुत करने वाले शासकीय फणिकेश्वरनाथ महाविद्यालय, फिंगेश्वर के विद्यार्थियों को द्वितीय स्थान तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रतिरूप प्रस्तुत करने वाले शासकीय वीर सुरेन्द्र साय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गारीयाबंद के छात्र-छात्राओं को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। सभी विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाले समस्त प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का सशक्त, अनुशासित एवं प्रभावशाली मंच संचालन फॉरेंसिक विज्ञान विभाग की छात्राएँ सुश्री कामिनी साहू एवं सुश्री प्रांजल सिन्हा द्वारा किया गया, जिसकी सभी अतिथियों ने प्रशंसा की।

अंत में संस्थान नवाचार परिषद के अध्यक्ष प्रो. डॉ. एन. कुमार स्वामी ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के नवाचारात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

यह आयोजन न केवल छात्र प्रतिभाओं का उत्सव सिद्ध हुआ, बल्कि गारीयाबंद जिले में नवाचार, अनुसंधान एवं उद्यमशीलता की सुदृढ़ नींव रखने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम साबित हुआ।

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