देवभोग क्षेत्र में धान खरीदी बंफर लिमिट उठाव में विलम्ब धान संग्रहण केन्द्र बंद होने की कगार में

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गरियाबंद–:– छतीसगढ़ राज्य में भाजपा सरकार ने किसानों से धान खरीदी कि प्रक्रिया तेजी से चल रही है, किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी कि जा रही है तो उसे लेकर जिले के दूरस्थ ब्लाक देवभोग क्षेत्र में धान खरीदी पर भारी संकट मंडराने लगी है, कि देवभोग क्षेत्र में धान खरीदी उपार्जन केन्द्र देवभोग ,सीनापाली,घुमरगुडा़, लाटापारा,गोहरापदर, चिचिया,बरबहली, कदली मुड़ा,रोहनागुडा़, दिवान मुड़ा, झाखरपारा,निष्ठीगुडा,झिरीपानी,खोकसरा 14 संग्रहण केन्द्र स्थापित किया गया है। जिसमें धान खरीदी कि बम्फर लिमिट से कई गुना अधिक धान खरीदी कि जा चुकीं है। इससे केन्द्र में स्टोरीग समस्या उत्पन्न हो रही है।देवभोग क्षेत्र के अंतर्गत 14 उपार्जन केन्द्र के खरीदी प्रभारियों ने बम्फर लिमिट में धान खरीदी को लेकर ज्यादा परेशान है, चुकी धान उठाव विलंब हो रहा है उन्होंने जल्द जल्द उठाव की मांग है। उन्होंने ने शासन-प्रशासन को चैतावनी भी यह दिया गया है कि यदि धान उठाव नहीं हुआ तो किसान से खरीदी रोकनी पड़ सकती है।देवभोग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी धान खरीदी उपार्जन केन्द्र के प्राधिकृत अधिकारीयों ने बताया कि उक्त किसानों से धान खरीदी कि लिमिट मात्रा बढ़ रही है तो कई गुना ज्यादा धान का संग्रहण केन्द्र में रख-रखाव पर बहुत समस्या हो रही है। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह में ही धान का उठाव होना बहुत जरुरी है ‌। यदि उठाव नहीं हुआ तो धान खरीदी बंद करनी पड़ सकती हैं ‌।

संबंधित उपार्जन केन्द्र के प्राधिकृत अध्यक्ष और खरीदी प्रबंधक ने पुष्टि करते हुए कहा कि धान खरीदी मात्रा बंफर लिमिट से काफी अधिक हो चुका है। देवभोग क्षेत्र के धान खरीदी उपार्जन केन्द्रों के प्रबंधकों ने पत्र लिखकर भौतिक स्थितियां को लेकर उक्त अधिकारी जिला विपणन और नोडल अधिकारी को अवगत करवाई गई है। और उन्होंने कहा कि करोड़ों का भुगतान लंबित, मिलर्स एसोसिएशन ने मुंह फेर लिया है। संग्रहण केन्द्र में ही नहीं बल्कि डीओ के माध्यम से मिलर्स से भी उठाव होता था। जिले में करीबन 60 मिलर्स एसोसिएशन में से अभी सिर्फ 24 मिलर्स ही अनुबंध कराया है। बाकी 22 मिलर्सो को अपात्र की श्रेणी में रखकर माड्यूल से लक कर दिया गया है ‌। फोर्टीफाइड चावल की राशि पिछले साल आंकड़े में ज्यादा गंभीर रूप ले लिया था। जिससे बंफर में कई गुना ज्यादा बढ़ गई थी ‌। जिला विपणन अधिकारी को भेजें गए मांग पत्र के मुताबिक देवभोग क्षेत्र में 14 खरीदी केंद्र में यदि इस तरह से बना रहा तो खरीदी में धीमी गति से आ सकती है, और उसी दौरान धान संग्रहण केन्द्र को बंद कर दिया जा सकता है।

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