विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सहायक उपकरण सामग्री वितरित समावेशी शिक्षा अधिगम के नहीं बल्कि विशिष्ट अधिगम के नए आयाम खोलती है

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छुरा–:– छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा के आदेशानुसार जनपद पंचायत छुरा सभागार में सहायक उपकरण सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला मिशन समन्वयक शिवेश कुमार शुक्ला के निर्देशन, एपीसी योगेश पटेल के मार्गदर्शन, विकासखंड शिक्षा अधिकारी के.एल. मतावले एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक प्रेमदास मार्कण्डे के नेतृत्व में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को कीट प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष मीरा ठाकुर थे। अध्यक्षता नगर पंचायत छुरा की प्रथम नागरिक लुकेश्वरी थानसिंग निषाद ने किया। जिला पंचायत सभापति द्वय लेखराज ध्रुवा, शिवांगी चतुर्वेदी, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी, नगर पंचायत सभापति बलराज पटेल, उपसरपंच संघ अध्यक्ष रूपनाथ बंजारे, दिशांक चंद्राकर, प्रीतम ध्रुव विशिष्ट अतिथि की आसंदी पर विराजमान रहे। अतिथियों द्वारा मां शारदे एवं छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना की गई। शिक्षक अर्जुन धनंजय सिन्हा एवं तिजऊ राम साहू द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। पुष्पमाल एवं गुलदस्ता से अतिथि सत्कार किया गया। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक प्रेमदास मारकंडे ने कहा कि समावेशी शिक्षा प्रत्येक दिव्यांग बच्चों के लिए उच्च और उचित उम्मीदो के साथ व्यक्तिगत शक्तियों का विकास करती है। इक्कीस प्रकार के नि: शक्तता के अनुरूप चिन्हांकित 95 बच्चों को उपकरण प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि की आसंदी से मीरा ठाकुर ने कहा कि दुनिया में कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं है। अपने आपको कमजोर न मानकर समर्पित भाव से मेहनत कर समाज को नई दशा व दिशा प्रदान कर सकते हैं। लुकेश्वरी थानसिंग निषाद ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि शिक्षक और पालक अपने सृजनशीलता से बच्चों को पंख देते हैं जो बच्चों को नई उड़ान देते हैं। निषाद ने आगे कहा कि हमें जामवंत की भांति बच्चों की अंतर्निहित शक्ति को जागृत करना होगा। लेखराज ध्रुवा ने कहा कि हमें अपनी कमजोरी को ताकत बनाकर चलना होगा। शिवांगी चतुर्वेदी ने कहा कि सभी बच्चों को समानता व शिक्षा के उच्च मानक स्थापित करने हेतु शासन के इस प्रेरणादायक, हृदय स्पर्शी कार्यक्रम के लिए धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ। हमें ऐसे बच्चों के विकास हेतु हर संभव मदद करना चाहिए। कुलेश्वर सोनवानी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इस हेतु उपकरण का वितरण किया जा रहा है। रूपनाथ बंजारे ने बच्चों के आत्मबल को जगाने की बात कही। विकासखंड शिक्षा अधिकारी के.एल. मतावले ने कहा कि समावेशी शिक्षा अधिगम की नहीं बल्कि विशिष्ट अधिगम के नए आयाम खोलता है। हमें बच्चों की भावना के अनुरूप साहित्यिक, सांस्कृतिक, खेलकूद के माध्यम से शिक्षा के प्रति रुचि और क्षमता का विकास करना होगा। संचालन करते हुए शिक्षक अर्जुन धनंजय सिन्हा ने भौतिक एवं खगोलशास्त्र के वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग, इला सचानी, बलन्ना, सुधा चंद्रन जैसे हस्तियों से प्रेरणा लेकर अपनी कुशलता एवं दक्षताओं में अभिवृद्धि के लिए प्रोत्साहित किया। अलग-अलग प्रकार के नि:शक्तता के आधार पर बच्चों को सहायक उपकरण सामग्री का वितरण किया गया। अतिथियों द्वारा दिव्यांग बच्चों का पुष्पमाल से भी सम्मान किया गया। विशेष उपहार पाकर बच्चों के चेहरे में खुशी साफ़ झलक रहा था। श्रवन यंत्र, मोबाइल किट, व्हीलचेयर, टीएलएम किट, वाकर किट, आईडी किट, जिमिस्टिक बाल, स्पीच किट, हैंड एक्सेल, लो विजन किट आदि का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बीआरपी, स्पेशल शिक्षक एकता कुर्रे, प्रवीण द्विवेदी, समन्वयक जयशंकर फ़ुल्लर, महेंद्र साहू, इतवारी जगत, बालकृष्ण छेदैय्या, असलम कुरैशी, विनोद चंद्राकर, शिक्षक दसरू राम बंजारे, यादराम साहू, हरिराम साहू, चेतन लाल कंवर, तोमन साहू, बी एल साहू, मंगलमूर्ति सोनी, रामेश्वर ध्रुव, तबस्सुम खान, तेजराम साहू, कमलेश साहू, टुकेश्वर प्रसाद साहू, रोशनी ध्रुव, जागेश्वरी देवांगन, शिव ठाकुर सहित शिक्षक, पालक एवं बच्चे उपस्थित रहे।

 

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