42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल बहराइच -I ने एक नाबालिग को तस्करी होने से बचाया

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बहराइच–:दिनांक-18/03/2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चेक पोस्ट रुपैडिहा पर BIT टीम और AHTU द्वारा चेकिंग व फ्रिस्किंग की जा रहीं थीं। इस दौरान समय लगभग 2115 बजे नेपाल से 01 नेपाली लड़के के साथ 01 नेपाली लड़की चेक पोस्ट रुपैडिहा पर आई। चेकिंग के दौरान उनसे पूछताछ किया गया तो लड़के ने अपना जन्म प्रमाणपत्र दिखाया जिसमें उसका नाम प्रेम घर्ती उम्र 16 वर्ष थी व लड़की ने अपना जन्म प्रमाण पत्र दिखाया जिसके अनुसार उसका नाम स्वास्तिका टुप्पा उम्र 17 वर्ष थी । लड़की से पूछताछ की गयी तो उसने बताया की वह रुपैडिहा मार्केट सामान लाने जा रही है व सामान लेकर तुरंत वापस नेपालगंज जाना है। साथ में कौन है पूछने पर बताया की ये लड़का मेरा भाई है। लड़के से पूछने पर उसने बताया की वे दोनों एक दूसरे से प्यार करते है व मंडी (हिमाचल प्रदेश) अपने चाचा के पास जा रहे हैं। दोनो से पूछताछ के दौरान दी गई जानकारी में अंतर होने पर शक हुआ। शक के आधार पर इसकी सूचना समवाय प्रभारी रुपैडिहा को दी गयी, जिसके उपरांत समवाय प्रभारी रुपैडिहा द्वारा मानव तस्करी रोधी इकाई और देहात इंडिया (NGO) की मौजूदगी में उनसे गहनता से पूछताछ किया गया तो लड़की ने अपना नाम स्वास्तिका टुप्पा उम्र 17 वर्ष, पिता का नाम कमल बहादुर टुप्पा पता श्रीपुर चतिवन वार्ड नंबर 03 जिला मकवानपुर, राष्ट्र नेपाल व लड़के ने अपना नाम प्रेम घर्ती, उम्र 16 वर्ष, पिता का नाम- शशिल घर्ती पता- आठबीस कोटे गाँव पालिका वार्ड नंबर 08 जिला रुकुम, राष्ट्र नेपाल बताया साथ ही लड़के ने बताया कि यह लड़की घर से एक सप्ताह पहले भागकर आई है और सानी भेरी ठुली भेरी रुकुम मगमा होटल नेपालगंज में रुकी हुई थी व मैं इसे मंडी हिमाचल से ले जाने के लिए आया था। दोनों के द्वारा बताया गया की वे छः माह पहले टिक-टोक पर मिले थे व लड़की बिना किसी को जानकारी दिए घर से भाग कर आई थी। लड़की ने अपने बड़े पापा का मो. नंबर (9741674907) दिया गया जिसपर संपर्क करने पर लडकी के बड़े पापा और दादा द्वारा बतया गया की उन्होंने हेटोडा (नेपाल) थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई हुई है व ये घर से बिना बताये भागी है व उन्हें रोक लिया जाये। दोनों के बयान में बदलाव व उनके घर से मिली जानकारी के आधार पर उक्त मामला मानव तस्करी का प्रतीत होने के कारण बचाई गयी नाबालिग लड़की को नेपाल NGO (शांतिपूर्ण स्थापना गृह) के सुपुर्द कर दिया गया तथा संदिग्ध अभियुक्त को नेपाल पुलिस को सुपुर्द किया गया ।

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