गांव और विद्यालय का अटूट रिश्ता: हर खुशी और परंपरा में साथ निभा रहे शिक्षक

गांव और विद्यालय का अटूट रिश्ता: हर खुशी और परंपरा में साथ निभा रहे शिक्षक

इन्हे भी जरूर देखे

गांव और विद्यालय का अटूट रिश्ता: हर खुशी और परंपरा में साथ निभा रहे शिक्षक

मैनपुर –:–विकासखंड के अंतर्गत स्थित शासकीय पूर्व विद्यालय देहारगुड़ा में सामुदायिक सहभागिता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिल रही है। जिस ग्राम में विद्यालय संचालित है, वहां के प्रत्येक मोहल्ले में जब भी विवाह, छठी या अन्य पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, तब विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एकजुट होकर उसमें शामिल होते हैं।
शिक्षकों की यह सहभागिता केवल औपचारिक उपस्थिति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे परिवारजनों के साथ घुल-मिलकर कार्यक्रम की खुशियों में सहभागी बनते हैं। इससे विद्यालय और ग्रामीण समुदाय के बीच आत्मीयता एवं विश्वास का मजबूत रिश्ता स्थापित हो रहा है।
ग्रामवासियों का कहना है कि शिक्षकों का यह व्यवहार उन्हें अपनेपन का एहसास कराता है, जिससे विद्यालय के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना और अधिक प्रबल होती है। वहीं शिक्षकगण भी इसे अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए हर अवसर पर उपस्थित रहते हैं।
इसके साथ ही ग्रामीणों एवं विद्यालय परिवार के बीच निरंतर मेल-मुलाकात बनी रहती है, जिससे शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। अभिभावक भी विद्यालय की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगे हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की शिक्षा पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
इस प्रकार, विद्यालय और ग्राम के बीच बना यह सामंजस्यपूर्ण संबंध न केवल शिक्षा के विकास में सहायक है, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहा है। माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक चित्रसेन पटेल ,प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक ओमप्रकाश वैष्णव ,कांति लाल साहू ,श्रीमती सुरैया टण्वीर, कुमारी प्रेरणा कश्यप हमेशा उपस्थित रहते हैं ।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

Must Read