निजी अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से गरीब आदिवासी महिला की मौत से समाज में रोष

निजी अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से गरीब आदिवासी महिला की मौत से समाज में रोष

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✍🏻”लोकहित 24 न्यूज़ एक्सप्रेस लाइव” प्रधान संपादक– सैयद बरकत अली की रिपोर्ट गरियाबंद (छत्तीसगढ़)

निजी अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से गरीब आदिवासी महिला की मौत से समाज में रोष

गरियाबंद न्यूज–: –आदिवासी परिवार के बीच आर्थिक लूट मचाते निजी अस्पताल प्रबंधन की लाफरवाही से आदिवासी महिला की बेदर्द मौत ने पुरे समाज को झंकझोर दिया है जिसके चलते आज परिजनों कलेक्टर से जांच की मांग भी किया है उल्लेखनीय हो की गांधी गोद ग्राम कुल्हाडीघाट के आदिवासी गैन्दू बाई ध्रुव 35 वर्षीय महिला मामूली पेट दर्द के चलते छुरा स्थित लक्ष्मी नारायणा हास्पिटल में बीते 10अप्रैल को भर्ती कराया भर्ती के पश्चात हास्पिटल संचालक व जिम्मेदार चिकित्सकों द्वारा सफल ईलाज का आश्वासन देते मरीज गैन्दूबाई ध्रुव को दिनांक 11 अप्रैल को सिटी स्कैन हेतु राजिम के डायग्नोसिस सेंटर ले जाया गया सिटी स्कैन बाद लक्ष्मी नारायण हास्पिटल संचालक व चिकित्सकों द्वारा मरीज के परिजनों को कहा गया कि मरीज को हिस्टरेक्टमी यानी बच्चेदानी का कैंसर है इनका सर्जरी करना पड़ेगा नहीं तो मरीज की जान को खतरा है कहते हुये मरीज गैन्दूबाई ध्रुव को सर्जरी कर दिया गया सर्जरी पश्चात मरीज को दस से ग्यारह दिनों तक लक्ष्मी नारायणा हास्पिटल में रखा गया बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया ईलाज में कुछ प्रोग्रेस नहीं होने की वजह से लक्ष्मी नारायणा हास्पिटल के संचालक से मरीज के परिजनों द्वारा संपर्क करने पर मरीज को रायपुर ले आओं ऐसा कहते हुये रायपुर स्थित नानक हास्पिटल में पुन दाखिल किया गया फिर से वही प्रोसेस सिटी स्कैन फिर जाच फिर डिस्चार्ज का सिलसिला चलते गया और मरीज को नई नई समस्याएं शुरू हो गई जिसके चलते कई बार अप्रषिक्षित डाॅक्टरों के द्वारा पेट को खोला गया और अलग अलग सर्जरी की गई इस दौरान कई अलग अलग अस्पतालो में जैसे महासमुंद,खरोरा रायपुर मरिज को इसी हालत में भेजा जाता रहा इन बार बार की चिकित्सा व लापरवाही पूर्वक देखभाल के चलते संक्रमण फैलता गया, परिजनो का कहना है कि उनकी पत्नी के कई अगों को निकाला गया है अंतत आदिवासी महिला को इसकी लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है ज्ञात हो की मृतक का पति भागीरथी मरकाम वाहन चालक हैं जिनके दो पुत्र 19 वर्षीय गजेन्द्र मरकाम और 8 वर्षी
कुबेर मरकाम एवम् 19. वर्षीय कु अनिला मरकाम है

आयुष्मान कार्ड और नगद फोन पर जमकर लूट _: इलाज के दौरान दवाई सर्जरी सहित तमाम तरह की बात कहकर परिजनों के बीच जमकर लूट को अंजाम देने का आरोप लगाया जा रहा है परिजनों के अनुसार बीते 11 अप्रैल लक्ष्मी हास्पिटल को फोन पे 400000, सिटी स्कैन राजिम को 4500. और 12 अप्रैल को फोन पे 20000.15 अप्रैल को 7000. नगद काउंटर में 18. अप्रैल को 6500 नगद जमा नानक हास्पिटल रायपुर का आयुष्मान कार्ड के अलावा फोन पे व नगद जमा दिनाक 02 मई 5000 नगद जमा व 8000 फोन पे 04 मई को 10000 नगद जमा किया 06 मई को 10000 नगद, सिटी स्कैन भवानी डायग्नोसिस्ट रायपुर को 6000 नगद जमा करने का दावा है इसके अलावा 02 मई को आयुष्मान कार्ड से डिडक्ट का डिटेल्स 32000 निकाला गया प्रायः देखने में आया है कि आयुष्मान कार्डधारी गरीब लोगों को यह अस्पताल टारगेट करते है और उनके कार्ड से जांच चिकित्सा सर्जरी के नाम पर लाखों रूपए निकाल लेते है और अतः में मरिजों के परिजनो से भी रूपए की मांग करते है ।

मामला रफा दफा करने की चर्चा तेज _:
जिस तरह से आदिवासी महिला से ये लोग खेलते रहे है और अपना ज्ञान के साथ नए प्रशिक्षु को भी ज्ञान बढ़ाते रहे जिसका नतीजा महिला की मौत हो गई परिवार को सुपुर्द कर मामला कफन दफन कर दिया गया। इस खौफनाक बेरहम खबर को दबाने के एवज में चिकित्सालय से साठ गाठ की खबर बाजार में वायरल जो बेहद निंदनीय है ,साथ ही जो रिस्तेदार कभी न्याय के लिए आतुर थे अब अचानक वह लोग मृतिका के पति व बच्चों के उपर समझौता करने का दबाव बनाने सोमवार को ग्राम कुल्हाडीघाट पहुंच गए । जिसको लेकर पति और पुत्र ने आक्रोषित होकर थाना मैनपुर पहुच शिकायत दर्ज करानी चाही जिसमें थाना पहुंच कर आखिरकार समझौता हुआ। मृतिका के पति और पुत्र इस बात को जानना चाहते है कि आखिर किन कारणों के चलते गैंदू बाई ध्रुव की मृत्यु हुई है।

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