ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लो-वोल्टेज से जहरीले सांप व मच्छरों से ग्रामीण जनता हुए भयावाह

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लो-वोल्टेज से जहरीले सांप व मच्छरों से ग्रामीण जनता हुए भयावाह

इन्हे भी जरूर देखे

✍🏻”लोकहित 24 न्यूज़ एक्सप्रेस लाइव” जिला ब्यूरो चीफ– चरण सिंह क्षेत्रपाल की रिपोर्ट गरियाबंद (छत्तीसगढ़)

 

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लो-वोल्टेज से जहरीले सांप व मच्छरों से ग्रामीण जनता हुए भयावाह

 

गरियाबंद–: – देवभोग क्षेत्र के अंतर्गत ऐसे कई गांवों है जहां खेतों खलिहानों में मकान बना कर रहते हैं। चुकी बरसात झड़ी में जमीन नीचे की घास फूस व झाड़ियां हरी भरी उग आए हुए हैं। इस लिए इन हरियाली घासों में जहरीले सांप, कीड़े मकोड़े रहकर घरों के आमने-सामने आ कर अचानक घर अंदर प्रवेश कर मानव जीवन को हानि पहुंचाने में कभी कसर नहीं छोड़ते हैं। इस लिए बिजली को रात्रि समय रहना बहुत जरूरी है। यदि बिजली बंद रहेगी तो रात्री में कुछ भी घटनाएं हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण जनों का कहना है,कि बरसात मौसम में सबसे ज्यादा जहरीले सांप, कीड़ों की भयावहता बनी रहती है। चूंकि जमीन नीचे घास फूस पेड़-पौधे हरी भरी होने से इन्हें छूपने में आसानी होती हैं,जिससे मौका देखकर घर अंदर में आ जाती हैं। ओर मनुष्यों को हानि पहुंचती हैं। बरसात में खतरनाक जहरीले हानिकारक पहुंचाने वाले सर्पे है घर आंगन में इधर-उधर घूमते फिरते रहते हैं। इस बीच कहीं आदमी अंधेरा में कोई काम या घरों के बाहर बैठे रहे और उसी कहीं बड़ा घटना न हो जाए। इस लिए सभी ग्रामीणों ने शासन -प्रशासन से निवेदन किया है कि रात को सोते समय बिजली बंद या लो-वोल्टेज न किया जाए। भले दिन के समय बिजली बंद कर दिया जाएं।
और दूसरी बात यह है कि यह बरसता सावन महीने है घरों के आमने-सामने कीचड़, गंदगी पानी फेंकने से मच्छरों का वास होता है और रात को आदमी सोते समय काटना भी शुरू कर देते हैं।
मच्छरों के काटने से मलेरिया, डेंगू, जैसे जीवाणु वायरस उत्पन्न होती है। इसी लिए सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण जनता मलेरिया का प्रकोप से अधिक पीड़ित होते हैं।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

Must Read