शासकीय नवीन महाविद्यालय गोहरापदर में “जनजाति समाज का गौरवशाली अतीत- ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला

शासकीय नवीन महाविद्यालय गोहरापदर में “जनजाति समाज का गौरवशाली अतीत- ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला

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✍🏻”लोकहित 24न्यूज़ एक्सप्रेस लाइव” प्रधान संपादक– सैयद बरकत अली की रिपोर्ट गरियाबंद (छत्तीसगढ़)

शासकीय नवीन महाविद्यालय गोहरापदर में “जनजाति समाज का गौरवशाली अतीत- ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला

गोहरापदर–:– शासकीय नवीन महाविद्यालय गोहरापदर, जिला-गरियाबंद (छ.ग) में दिनांक 22 अक्टूबर 2024 को जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत कार्यशाला संचालन समिति एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में डॉ. टी एस सोनवानी, प्राचार्य, श्री महेंद्र कुमार साहू, कार्यशाला संयोजक व श्री सनत कुमार कार्यशाला सह संयोजक तथा रासेयो कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में एक दिवसीय कार्यशाला “जनजाति समाज का गौरवशाली अतीत- ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” विषय पर सफलतापूर्वक आयोजित की गई। कार्यशाला की रूपरेखा पूर्व में ही प्राचार्य, कार्यशाला अध्यक्ष, संयोजक, सह संयोजक तथा संचालन समिति के सदस्यों की सहमति में तैयार की गई।


कार्यशाला का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ किया गया, तत्तपश्चात मुख्य अतिथि व विशेष वक्ता छात्रावास अधीक्षक गोहरापदर श्री दयाराम मांझी जी, विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय भूमिदान दाता गोहरापदर श्री बदन ओटी, कर्मचारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री खेमेंद्र सिंह ठाकुर, मुख्य वक्ता शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक देवभोग श्री अमर सिंह ध्रुव, शास. नवीन महाविद्यालय गोहरापदर प्राचार्य डॉ. टी एस सोनवानी कार्यशाला अध्यक्ष ने माँ सरस्वती व भारत माता के चरणों में दीप प्रज्जवलित कर नमन किया तथा जनजाति नायक भगवान बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती एवं अमर शहीद वीर नारायण सिंह के छायाचित्र पर पुष्प माल्यार्पण कर नमन किया। महाविद्यालय की छात्रा रीना साहू, हरमनी, नुआदी नागेश, ज्योति कश्यप, प्रिया कुमारी एवं तानिया ताम्रकार ने सरस्वती वंदना एवं राजगीत की प्रस्तुति दी।

कार्यशाला में पधारे समस्त सम्मानीय अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय परिवार द्वारा किया गया। कार्यक्रम का प्रस्तावना एवं उद्देश्य कार्यशाला संयोजक श्री महेन्द्र कुमार साहू द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा संस्था प्राचार्य डॉ. टी एस सोनवानी ने स्वागत भाषण एवं अध्यक्षीय उद्बोधन दिया।

कार्यशाला में स्वयंसेवको ने जनजाति नायकों का रोल प्ले प्रस्तुत किया जिसमें हेमलता ध्रुव व मुक्ता ध्रुव ने वीरांगना फूलो झानो मुर्मू, सौरव ने लक्ष्मण नायक, राजेन्द्र ने अल्लूरी सीता राम राजू, प्रीति ने द्रोपती मुर्मू के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

तत्पश्चात मुख्य वक्ता श्री अमर सिंह ध्रुव ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने बताया कि भारत का जनजाति समाज अपनी आध्यात्मिक परम्पराओं, विशिष्ट संस्कृति और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों के साथ सदैव से भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। जब-जब देश की सुरक्षा पर संकट आया, जनजाति समाज ने अपने शौर्य और बलिदान से राष्ट्र की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्य अतिथि एवं विशेष वक्ता के रूप में श्री दयाराम मांझी ने बताया कि आदिवासी प्रथाओं को रूढ़िवादी प्रथाओं से जोड़कर देखा जाता है जबकि आदिवासी प्रथा अन्य धर्मों से अलग है तथा जनजाति के विभिन्न प्रकारों के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए जनजाति संस्कृति से भी अवगत कराया।

प्राचार्य डॉ. टी एस सोनवानी द्वारा कार्यक्रम का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर समस्त शैक्षणिक अशैक्षणिक स्टॉफ एवं जनजाति के छात्र-छात्रा तथा महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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