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बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता और बहु-कक्षा शिक्षण को लेकर 268 शिक्षकों का प्रशिक्षण

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बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता और बहु-कक्षा शिक्षण को लेकर 268 शिक्षकों का प्रशिक्षण

फिंगेश्वर, जिला गरियाबंद -:-1 अक्टूबर 2026। जिला समग्र शिक्षा मिशन एवं आह्वान ट्रस्ट के सहयोग से जिला गरियाबंद के पांचों विकासखंडों में बालवाड़ी प्रभारियों तथा कक्षा 1 एवं 2 के शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी क्रम में आज फिंगेश्वर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजिम क्षेत्र के विधायक श्री रोहित कुमार साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक कक्षाओं में शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के साथ बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता एवं बहु-कक्षा संचालन को मजबूत करना रहा। पांचों विकासखंडों में आयोजित प्रशिक्षण के माध्यम से कुल 268 शिक्षकों को इन महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया।

बहु-कक्षा शिक्षण पर विशेष चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान बहु-कक्षा शिक्षण पर विशेष रूप से चर्चा की गई। अलग-अलग कक्षाओं एवं सीखने के विभिन्न स्तरों वाले बच्चों के साथ एक साथ कार्य करने की रणनीतियों पर शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श किया गया।

बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार समूह निर्माण, गतिविधि आधारित शिक्षण, समय प्रबंधन, समूह कार्य तथा सभी बच्चों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा की गई। शिक्षकों को बहु-कक्षा की परिस्थितियों में प्रभावी शिक्षण के लिए व्यावहारिक गतिविधियों एवं रणनीतियों से परिचित कराया गया।

मुख्य अतिथि रोहित कुमार साहू ने कहा

मुख्य अतिथि एवं राजिम क्षेत्र के विधायक श्री रोहित कुमार साहू ने कहा कि विद्यालय में बालक एवं बालिकाओं को समान अवसर और समान सहभागिता देना आवश्यक है। बालिकाओं की नियमित उपस्थिति, कक्षा में सक्रिय भागीदारी और सीखने की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय, परिवार एवं समुदाय के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

डीएमसी शिवेश शुक्ला ने कहा

श्री शिवेश शुक्ला, डीएमसी ने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की सीखने की नींव मजबूत करना शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। बहु-कक्षा जैसी परिस्थितियों में बेहतर योजना, समूह आधारित गतिविधियों और बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार शिक्षण रणनीतियों को अपनाने से प्रत्येक बच्चे को सीखने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

बालिका शिक्षा एवं लैंगिक समानता पर जोर

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में बालक एवं बालिकाओं को समान अवसर, समान सहभागिता और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। बालिकाओं की नियमित उपस्थिति, कक्षा में सक्रिय सहभागिता तथा सीखने की निरंतरता में परिवार एवं समुदाय की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

आह्वान ट्रस्ट की भूमिका

आह्वान ट्रस्ट के जिला समन्वयक समीर कसेर ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे व्यावहारिक तरीकों से जोड़ना है, जिन्हें वे अपनी नियमित कक्षा में आसानी से लागू कर सकें। बहु-कक्षा शिक्षण में बच्चों के स्तर के अनुसार समूह बनाकर गतिविधि आधारित शिक्षण अपनाने से सभी बच्चों की सहभागिता बढ़ाई जा सकती है। साथ ही, बालिका शिक्षा और लैंगिक समानता को विद्यालय की दैनिक शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाना जरूरी है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री प्रेमदास मार्कण्डे, बीआरसीसी; श्री लोचन कुमार साहू, एपीसी; श्री सुभाष शर्मा, बीआरसीसी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं प्रशिक्षण टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

आह्वान ट्रस्ट की ओर से जिला समन्वयक समीर कसेर, विजय यादव, अश्वनी एकलव्य एवं भुवेंद्र कुमार बघेल सहित टीम के सदस्यों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में सहभागिता की।

पांचों विकासखंडों में आयोजित इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को यह संदेश दिया गया कि हर बच्चे को समान सीखने का अवसर मिले, प्रत्येक बालिका शिक्षा से जुड़े और बहु-कक्षा में प्रभावी एवं गतिविधि आधारित शिक्षण सुनिश्चित हो।

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