दिवान मुड़ा ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड में दिवार के बीचोंबीच दरार लाखों का शेड गुणवत्ता हीन निर्माण की खुली पोल क्या होगी कार्यवाही या बंद बस्ते में सिमट जायेगा मामला

दिवान मुड़ा ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड में दिवार के बीचोंबीच दरार लाखों का शेड गुणवत्ता हीन निर्माण की खुली पोल क्या होगी कार्यवाही या बंद बस्ते में सिमट जायेगा मामला

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✍🏻”लोकहित 24 न्यूज़ एक्सप्रेस लाइव” जिला ब्यूरो चीफ– चरण सिंह क्षेत्रपाल की रिपोर्ट गरियाबंद (छत्तीसगढ़)

दिवान मुड़ा ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड में दिवार के बीचोंबीच दरार लाखों का शेड गुणवत्ता हीन निर्माण की खुली पोल

क्या होगी कार्यवाही या बंद बस्ते में सिमट जायेगा मामला

देवभोग–:–मामला गरियाबंद जिला के विकासखंड देवभोग अंतर्गत ग्राम पंचायत दिवानमुडा़ का है।जहां 4.19 लाख की लागत से निर्माण वर्ष 2020-21 में मनरेगा विभाग द्वारा ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड का निर्माण किया गया था। जिसका पीछे की दिवार की एक हिस्सा पूरी तरह से दरार हो कर फट गया है। जिम्मेदार संबंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी के द्वारा इस और ध्यान ही नहीं दिया गया ,कुछ ही वर्षों पहले आनन , फानन में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड निर्माण काम लगभग पूरा कर लिया गया है , वह घटिया माल मटेरियल से बनाई हुई ठोस तरल शेड की गुणवत्ता की पोल खुल गई, और कुछ वर्षों पहले बना ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड धराशाही हो गई । सभी ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान ही तकनीकी मापदंडों का पालन न कर घटिया शेड निर्माण किया गया, लेकिन उस दौरान विभागीय अधिकारी व कर्मचारी के द्वारा ध्यान ही नहीं दिया गया। आज इसी का नतीजा सामने आया है । शासन-प्रशासन द्वारा स्वीकृत 4.19 लाख में बनाई गई ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड लंबी समय तक टिक नहीं सकी और दो तीन साल के भीतर दिवारे दरार पड़ गई है।

कमीशन के फेर में अधिकारी व कर्मचारी भी इसमें हस्तक्षेप नहीं करते इसके बाद कुछ महीनो में या कुछ वर्षों में निर्माण कार्य दरारें पड़ कर टूट फूट कर बर्बाद हो जाता है ,और फिर मामला आया गया होकर रह जाता है। इसमें जनपद के साथ-साथ जिला स्तर के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं ।

बहरहाल सूबे के मुखिया विष्णु देव साय विकास योजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते नहीं थकते थे,लेकिन अभी वर्तमान स्थिति में गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत दिवान मुड़ा में जिस तरह से लाखों का ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड पीछे की दीवार दरार पड़ कर ध्वस्त हो गई है ,उसे यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री के दावों का प्रभाव विभिन्न विभागों में काम कर रहे पदाधिकारीयो पर नहीं दिख रहा है।

मामले में ग्राम पंचायत सचिव केशरी यादव जी को उस दरम्यान उनका भौतिक स्थिति जानने के लिए फ़ोन किया गया, तो उन्होंने यह जबाब में यह बताया गया की मैं देवभोग जा रहा हूं,किसी जरूरी काम से, तो उसी दौरान दिवान मुड़ा पंचायत पहुंच कर राजधानी से जनता तक समाचार संकलन कर्ता द्वारा यह देखा गया कि ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड पीछे साइड की दिवार दरार हो कर फटा हुआ है। जबकि अभी तक कुछ भी सामग्रियां ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड में अभी तक कुछ भी नही रखी गई है ,और वह अपने आप दिवार फट गई है।मनरेगा के तहत निर्माण किया गया है जिसकी कुल लागत 4.19 लाख है । ग्रामीण जनों का कहना है कि ठोस तरल शेड भवन में शासन -प्रशासन से प्रदाय की जाने वाली खाद्य, बीज आदि सामग्रियां रखी नहीं गई है और दिवारे फटने लगा है।यह भवन निर्माण के समय माल मटेरियल में गुणवत्ता नहीं थी, इस लिए दीवार फटने लगा है।

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