अक्षय तृतीया पर डूमरबाहाल में हर्षोल्लास से मनाई गई बिहान छिन्ना त्यौहार

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अक्षय तृतीया पर डूमरबाहाल में हर्षोल्लास से मनाई गई बिहान छिन्ना त्यौहार

गरियाबंद–:–आज 20 अप्रैल 2026 को तपोभूमि डूमरबाहाल में अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर’ बिहान छिन्ना’ त्यौहार को बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया । बिहान छिन्ना त्यौहार का मुख्य तात्पर्य यह है कि, ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपने खेतों में खरीफ सीजन शुरू किया जाता है जून ,जुलाई के महिने में धान फसल उत्पादन करने के पूर्व गांव में स्थापित मां धारनी देवी, व माटी देवी देवताओं का पूजा अर्चना करके बिहान धान किसानों को दिया जाता है। इस तारतम्य में ग्राम देवी-देवता पुजारी हरिसिंह ध्रुवा ने बताया कि गांव डूमरबाहाल में लगभग दो सौ से अधिक किसानें है, कि किसान अपने खेती में धान उत्पादन करने के पहले गांव के देवी- देवताओं का पूजा अर्चना करने के बाद गोहटिया अपने हाथों से धान देते है। किसान गोहटिया के हाथों से धान प्राप्त कर अपने घरों में लेते है, और उसी धान को पूजा अर्चना करने के पश्चात् किसी शुभ मुहूर्त के दिन धान( बिहान )को अपने खेती में छिड़काव करते हैं।यह रिती रिवाज कई वर्षों से निरंतर चलती आ रही है। अन्नदाता किसान अपने खेती में नागर चला कर अन्न उत्पादन करते हैं इसलिए उन्हें माटी पुत्र कहा जाता है, किसान माटी में जीते , खाते , और पीते आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलती हैं, सब लोग मिट्टी में ही आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलती है। उक्त किसानों ने बताया कि, देवभोग क्षेत्र के अनेकों गांवों में इस वर्ष की भांति प्रति वर्ष अक्षय तृतीया को बिहान छिन्ना त्यौहार हर्षोल्लास से मनाते है। गांव के देवी-देवता पूजारी देवालय में देवी -देवता को पूजा अर्चना व बिहान छिन्ना कार्यक्रम के पश्चात् गोहटिया को बाजे-गाजे के साथ उनके घरों को पहुंचाया जाता है। तत् पश्चात् किसान गोहटिय को विदाई देने के बाद अपने घरों में माता,व बहनें बिहान धान को चावल का तिलक लगाकर व्यक्ति के पांच को जल से धोया जाता है। उल्लेखनीय है कि घर में बिहान छिन्ना धान को पूजा अर्चना कर पूजा स्थल पर सुरक्षित रख कर, उसे किसी शुभ मुहूर्त के दिन अपने खेतों में लेकर बिहान छिन्ना धान को छिड़काव करते हैं तो कुछ किसान उसी दिन शाम को बिहान छिन्ना धान को अक्षय तृतीया को शुभ मुहूर्त तिथि समझकर वह अपने खेतों में बिहान छिन्ना धान को छिड़काव करने ले जाते हैं। इस दौरान और भी अन्य किसानें किसी लग्न बार शुभ तिथि को बिहान धान निकालते हैं। इस तरह परंपरागत तरीके से हर साल अप्रैल माह के किसी भी तिथि में अक्षय तृतीया पर बिहान छिन्ना त्यौहार बड़े उत्साह और विधि-विधान पूर्वक मनाया जाता हैं।बिहान छिन्ना कार्यक्रम में प्रमुख रूप से हरिसिंह ध्रुवा गांव के देवी-देवता पुजारी,केशबो ध्रुवा झाखर, दुकलेश्वर ध्रुवा झाखर वर्तमान डूमरबाहाल सरपंच, व 13 वार्डों के पंचगण तथा सभी ग्रामीण जनता-जनार्दन में से वरिष्ठ बुजुर्ग, युवा वर्ग सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।

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