सुशासन तिहार शिविर दिखी सख्ती पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी का फुटा गुस्सा राजस्व विभाग के कार्य-प्रणाली से उठी सवाल

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गरियाबंद/देवभोग–:–सुशासन तिहार 2026 के तहत गांव-गांव द्वार द्वार अभियान के अंतर्गत देवभोग विकास खण्ड के ग्राम पंचायत मुंगझर स्थिति शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल परिसर में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में आस-पास के 18 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और विभिन्न विभागों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाए गए, जिनका निरीक्षण पूर्व संसदीय सचिव व बिन्द्रानवागढ़ विधायक गोवर्धन मांझी, जिला जनप्रतिनिधियों ने किया।

इस दौरान संसदीय सचिव व बिन्द्रानवागढ़ विधायक गोवर्धन मांझी ने राजस्व विभाग की कार्य-प्रणाली को लेकर तहसीलदार पर जमकर नाराजगी जताई। शिविर में उपस्थित सभी किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को सामने रखते हुए, उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और लंबित राजस्व प्रकरणों को लेकर प्रशासन को घेरा। संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी ने कहा कि आम नागरिकों की छोटी-छोटी समस्याओं को तहसील में बार-बार आना-जाना चक्कर लगाते हैं यह बड़ी दुर्भाग्य की बात है। प्रदेश व्यापी सुशासन तिहार शिविर का आयोजन शासन की मंशानुरूप आयोजित शिविर में आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं व शासकीय सेवाएं उक्त ग्रामीणों को लाभान्वित करने, ताकि ग्रामीण जनता अपने कामकाज को लेकर शासकीय दफ्तरों का बार-बार चक्कर लगाना न पड़े, इसलिए शासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों की मांगे, समस्याएं व शिकायती त्वरित समाधान हेतु जिला कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने शिविर में नोडल अधिकारी व कर्मचारीयों की अहम बैठक रखी गई थी, जिसमें सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बैठक में उपस्थित थे। लेकिन सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है, किंतु जमीनी सच्चाई कुछ और अलग तस्वीर दिखाई दे रही है। क्षेत्र के किसान नामांतरण, बंटवारा, और ऋण पुस्तिका सुधार जैसे कार्यों के लिए कई महीनों से तहसील कार्यालय में चक्कर काटते- काटते 40 डिग्री सेल्सियस तापमान तेज धूप गर्मियों में पस्त हो रहें हैं फिर कामकाज बन नहीं रहा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि राजस्व विभाग की कार्य-प्रणाली में सुदृढ़ नहीं होने से ग्रामीण जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है,जब आम नागरिकों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रही है तो सुशासन तिहार शिविर आयोजित किए जाने का इसका क्या तात्पर्य है। विदित हो कि माड़ा गांव में सुशासन तिहार शिविर आयोजित किया गया था जिसमें 580 आवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें मांग व समस्या 558 था और 22 आवेदन पत्र शिकायती है। इसमें सबसे ज्यादा आवेदन राजस्व विभाग को दिए गए है। दूसरी शिविर मुंगझर में आयोजित किया गया है ,तो वह भी राजस्व विभाग की काम काज को लेकर संसदीय सचिव व बिन्द्रानवागढ़ विधायक गोवर्धन मांझी राजस्व विभाग के कार्य-प्रणाली को लेकर काफी नाराजगी जताई है। शिविर में आवेदकों से आवेदन लेने की औपचारिकता ही निभाई जाती है,दल के अधिकारी द्वारा सिर्फ ग्रामीणों को सांत्वना देने तक ही सीमित है, आगे कुछ भी काम किया जाता,पूरे आवेदन में से आधे को स्पष्ट निराकरण कर आवेदकों के पास भेज दिया जाता है। गत दिनों माड़ा गांव में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया था, जिसमें झाखरपारा मण्डल अध्यक्ष भगवानों बेहरा ने राजस्व विभाग से सवाल उठाए गए,कि झाखरपारा में विगत कई वर्षों से उपतहसील कार्यालय स्थापित किया गया है, लेकिन यहां स्थायी रूप से अधिकारी व कर्मचारी कार्यलय में दस्तक नहीं दे रहे है। नदी पार गांव के किसानों को तहसील मुख्यालय में अपनी जरूरतमंद कामकाजी को लेकर लंबी समयावधि तक इंतजार करना खूब महंगा पड़ता है। एक ही काम के लिए दिन भर आफिस में चक्कर लगाते हैं।

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