देवभोग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत लाटापारा में मनरेगा के तहत निर्माण हो रहा 19लाख का पुल चढ़ा भ्रष्टाचार की भेट

देवभोग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत लाटापारा में मनरेगा के तहत निर्माण हो रहा 19लाख का पुल चढ़ा भ्रष्टाचार की भेट

इन्हे भी जरूर देखे

✍🏻”लोकहित 24 न्यूज़ एक्सप्रेस लाइव” जिला ब्यूरो चीफ– चरण सिंह क्षेत्रपाल की रिपोर्ट गरियाबंद (छत्तीसगढ़)

 

देवभोग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत लाटापारा में मनरेगा के तहत निर्माण हो रहा 19लाख का पुल चढ़ा भ्रष्टाचार की भेट

 

पुल की थिकनेस कही पे 6इंच तो कहीं पे 8इंच

ठेकेदारी प्रथा पंचायत पे हावी
ठेकेदारों को अधिकारियों का संरक्षण

गरियाबंद(देवभोग)–:–मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एक तरफ पूरे प्रदेश में हमने बनाया है और हम ही सवारेंगे का नारा बुलंद कर रही हैं जिससे जनता को यह पता चल सके कि सरकार जनता के हित में कार्य कर रही है परंतु गरियाबंद जिले के जनपद पंचायत देवभोग के अंतर्गत ग्राम पंचायत लाटापारा मे लाखों रुपये का निर्माण कार्यो में पंचायत मे पदस्थ सचिव,सरपंच एवम रोजगार सहायक की तिकड़ी की मिलीभगत से भारी भ्रष्टाचार किया गया है । अगर ग्राम पंचायत लाटापारा मे अब तक के निर्माण कार्यों की जांच हो जाए तो पंचायत क्षेत्र में हो रहे विकास कार्य की पोल खुलने में समय नहीं लगेगा।
गरियाबंद जिले के जनपद पंचायत देवभोग के अधिकारी भी ग्रामीण क्षेत्रों में किस प्रकार का कार्य किया जा रहा है इसका भी जायजा नही लेते है अधिकारी अपने ऑफिस में बैठकर आराम फरमाते है उनको अपने क्षेत्र में क्या काम हो रहा है इससे कोई मतलब नही है जनपद के बड़े अधिकारी इसी प्रकार गुणवत्ता विहीन कार्य को अनदेखा करते है
वही ग्राम पंचायत लाटापारा में राष्ट्रीय मनरेगा योजना अंतर्गत 19. लाख रुपए की लागत से पुल का निर्माण किया जा रहा है निर्मित हो रहे पुल मे भ्रष्टाचार चरम स्तर पर किया गया है ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी अनुसार पंचायत का निर्माण कार्य सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से कराया जा रहा है जिसमें गुणवत्ता की अनदेखी करते हुए ठेकेदारों द्वारा मनमाने ढंग से कार्य किया जा रहा है।बताया गया कि उक्त मार्ग से गांव का संपर्क है जहां पुल का निर्माण किया जा रहा है किंतु गुणवत्ता की अनदेखी की वजह से निर्माण कार्य जल्द ही धराशाई हो सकता है। आपको बता दें कि पुलिया निर्माण में जो भी मटेरियल का इस्तेमाल किया जा रहा हैं पूरी तरह गुणवताहीन हैं पुलिया निर्माण बिना छड़ के या कही कही पे सीमित मात्रा में पतले छड़ का इस्तेमाल किया जा रहा पुल की लंबाई और चौड़ाई के अलावा मोटाई (थिकनेस) कही पे 6 इंच तो कही पे 8 इंच है जो बहुत पतला दिखाई दे रहा हैं ऐसा लगता है कि मानक पैमाने को दरकिनार करते हुए मटेरियल का इस्तेमाल किया गया हैं और वही दूसरी ओर हैंड ब्रोकेट गिट्टी एवम घटिया क्वालिटी की रेत और सीमेंट का इस्तेमाल पुलिया निर्माण में किया गया है जो इस पुलिया निर्माण के स्तर को दर्शाता हैं।
कार्य प्रारंभ करने से पहले सूचना पटल बनाया जाता है परंतु मौके पे गए पत्रकार साथियों को वो नजर तो आया लेकिन जिस तरीके से पुल बना है वैसे ही सूचना पटल भी बीच से टूट कर धराशाही हुआ पाया गया जिसमे लेखन नही किया गया है जिससे यही लगता है कि जान बूझ कर सूचना पटल नही लगाया गया है ताकि ग्रामीणों को पुल की राशि के बारे में जानकारी हो ताकि आसानी से भ्रष्टाचार किया जा सके भ्रष्ट असुरों द्वारा

ग्रामीणों का कहना हैं कि इस पुलिया निर्माण से हमारे गांव में आवागमन बड़ेगा लेकिन पुलिया निर्माण जो हो रहा हैं पूरी तरह से मानक पैमाने पर नही किया जा रहा हैं आने वाले समय में बड़ा हादसा होने की संभावना हैं इसलिए ग्राम वासी इसका विरोध भी कर रहे है यह पुलिया का निर्माण मानक पैमाने पर किया जाए जिससे ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिल सके।और अभी तक पुलिया निर्माण में जो मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है उसकी जांच की जाए जिससे भ्रष्टाचार का खुलासा हो सके।
ग्राम पंचायत लाटापारा में मनरेगा के तहत लाट पारा से हाईस्कूल मार्ग में पुलिया का जो निर्माण चल रहा है उसे देखते ही इस बात का आपके जेहन आएगा कि इस पुलिया का निर्माण भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिये ही इस काम को स्वीकृत कराया गया है वही प्रोग्रामर अधिकारी ( PO ) व तकनीकी सहायक दोनों पद की जिम्मेदारी शिव कुमार नवरंगे के पास है

जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में मनमाने तरीके से अनियमितता और अनुपयोगी कार्य कराके जहां सरकारी बजट को चूना लगाया जा रहा है, वहीं पंचायत प्रतिनिधि हर काम में कमाई के चक्कर में कायदे कानून ताक पर रखकर कायदे कानून के पालन से बेपरवाह हैं। उन्हें न जांच की चिंता है, न अधिकारियों का डर है।

पंचायती राज की अवधारणा को साकार करने के लिए बनी एक पूरी व्यवस्था पर अब कड़ी निगरानी की जरूरत है। आए दिन ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर गड़बड़-घोटाले के आरोप और मामले सामने आते हैं।

जिला पंचायत गरियाबंद और जनपद पंचायत देवभाेग में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी जिन के ऊपर सरकार की महत्वपूर्ण और जनकल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन की नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह अपनी नैतिक जिम्मेदारीयों का निर्वाहन करते हुऐ पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़े हुऐ जरुरत मंद व्यक्तियों तक उक्त हित मूलक जन कल्याणकारी योजना को पहुंचा कर उसे क्रियान्वित करें। परंतु प्राय: देखने में आया है कि ऐसा होता नहीं है और जिस के परिणाम स्वरूप जरुरत मंद व्यक्ति जन कल्याणकारी हित मूलक योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाता है। इस सच्चाई को आज भी देखा जा सकता है। की किस तरह हित मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन और बंटाधार हो रहा है

वर्जन 1

सरपंच लाटापारा
मेरे द्वारा कहा गया है की इस पुलिया में सुधार करने की जरूरत है जबतक सुधार नही होगा मूल्यांकन नही होने देंगे

वर्जन 2

सचिव लाटापारा
मै नही जानता सरपंच जानेगा
आप लोग जानो ने महापुरुष

वर्जन 3

पी ओ देवभोग
कार्य अभी प्रगति पे है सुधार किया जायेगा बरसात के बाद

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

Must Read