उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के पुराने सौर संयंत्रों के सुधार की प्रक्रिया शुरू प्रथम चरण में 40 संयंत्रों के रखरखाव एवं मरम्मत कार्य को मिली मंजूरी रात्रि में बेहतर बिजली मिलने से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को होगा लाभ

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के पुराने सौर संयंत्रों के सुधार की प्रक्रिया शुरू प्रथम चरण में 40 संयंत्रों के रखरखाव एवं मरम्मत कार्य को मिली मंजूरी रात्रि में बेहतर बिजली मिलने से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को होगा लाभ

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✍️ लोकहित 24 न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़ 

गरियाबंद _ जिले के उदंती-सीतानदी टाईगर रिजर्व क्षेत्र के सौर विद्युतीकृत ग्रामों में सोलर पॉवर प्लांट जो कि लगभग 15-20 वर्ष पुराने हो चुके हैं इस प्लांट के सोलर पैनलों के विद्युत जनरेशन क्षमता अत्यंत कम होने के कारण ग्रामीणों को रात्रि के समय कुछ ही घंटे तक विद्युत व्यवस्था मिल पा रहा है साथ ही साथ विभिन्न संयंत्र के बैट्री बैंक भी पुराने हो चुके है जिनके कारण ग्रामवासियों को रात्रि के समय अधिकांश समय अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा था राजापड़ाव क्षेत्र के सभी ग्रामवासियों द्वारा क्षेत्र में मूलभूत सुविधा मुहैया कराने की लगातार मांग की जा रही है जिसमें प्रमुख रूप से विद्युत व्यवस्था, पक्की सड़क, पुल-पुलिया तथा स्कूल भवन के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी शामिल है इस संबंध में कुछ माह पूर्व नेशनल हाईवे एनएच-130 राजापड़ाव क्षेत्र में 14 घण्टे चक्काजाम कर आवागमन बाधित कर अपनी नाराजगी जाहिर कर शासन-प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया इसके पश्चात् विगत माह क्षेत्र की आम जनता द्वारा अपने खून से पत्र लिखकर माननीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा से अवगत कराते हुए उचित कार्यवाही के लिए अनुरोध किया गया था। उल्लेखनीय है कि माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय एवं मुख्यमंत्री द्वारा इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए क्रेडा के माध्यम से उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में स्थापित सोलर पॉवर प्लांट को तात्कालिक रूप से कार्यशील करने के लिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिये गये है। प्राप्त निर्देश के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी क्रेडा प्रधान कार्यालय द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए फिल्ड अधिकारियो को तत्काल संयंत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को निर्देशित किया गया। जिसके तहत पुराने संयंत्रों के सोलर पैनल, बैट्री बैंक, इन्वर्टर एवं जर्जर कंट्रोल रूम मरम्मत इत्यादि कार्यों को प्राथमिकता क्रम में लेते हुए प्रथम चरण में 14 ग्राम पंचायतों के आश्रित ग्रागों में 40 सौर संयंत्रों को दुरूस्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया जिसकी स्वीकृति क्रेडा प्रधान कार्यालय द्वारा प्राप्त हो चुकी है। संयंत्र सुधार की कार्यवाही क्रेडा जिला कार्यालय स्तर पर शुरू कर दिया गया है राजापड़ाव क्षेत्र के सौर संयंत्रों के मेंटेनेंस के लिए प्रथम चरण में लगभग 15-20 वर्ष पुराने सौर संयंत्र जिनके सोलर मॉड्यूल, बैट्री बैंक, इन्वर्टर तथा कंट्रोलर रूम के मरम्मत इत्यादि कार्य के लिए इन ग्रामों जैसे साहेबिनकछार, नागेश, करलाझर, कोदोमाली, गौरगांव, लाटापारा, झोलाराव, गरहाडीह, बोरईडीह, मोंगराडीह, कुचेंगा, भाटापानी, गरिबा, गाजीमुडा, बरगांव (कुरूंभाठा), डूमरपडाव जांगड़ा, बरगांव कोकडी, नगबेल, छिन्दभरी, कोदोमाली, तौरंगा, जुगाड, बुडगेलटप्पा, डुमरघाट, रक्षापथरा, आमामोंरा, ओड एवं कमारभौंदी सहित अन्य ग्रामों के पुराने संयंत्रों को शामिल किया गया है तथा अन्य शेष ग्रामों के सौर संयंत्रों के लिए शासन स्तर से राशि मांग हेतु बजट में शामिल करने के लिए क्रेडा की ओर से प्रस्ताव प्रेषित की गयी है। जिसकी शासन स्तर से स्वीकृति शीघ्र मिलने की संभावना है पुराने सौर संयंत्रों के सोलर पैनल, बैट्री बैंक, इन्वर्टर इत्यादि बदलने से संयंत्र में क्षमता अनुरूप विद्युत उत्पादन होगा जिससे ग्रामीणों को रात्रि के समय में अधिक समय तक इन संयंत्रों से प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगा। जिससे ग्रामीणों को अंधेरे से मुक्ति मिलेगी तथा बच्चों को रात्रि के समय अध्ययन के लिए प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगा।

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