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गांधी जयंती से प्रदेशभर में मनाया जाएगा ‘मद्य निषेध सप्ताह’ ,2 से 8 अक्टूबर तक होंगी जन-जागरूकता गतिविधियां

गांधी जयंती से प्रदेशभर में मनाया जाएगा ‘मद्य निषेध सप्ताह’ ,2 से 8 अक्टूबर तक होंगी जन-जागरूकता गतिविधियां

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गांधी जयंती से प्रदेशभर में मनाया जाएगा ‘मद्य निषेध सप्ताह’ ,2 से 8 अक्टूबर तक होंगी जन-जागरूकता गतिविधियां

खण्डवा-:-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश में 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक “मद्य निषेध सप्ताह” मनाया जाएगा। सप्ताह के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में नशामुक्ति रैली, नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी, प्रतियोगिताएं, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ग्राम सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऑनलाइन शपथ सहित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मद्य निषेध सप्ताह का प्रमुख उद्देश्य समाज में बढ़ती मद्यपान की प्रवृत्ति तथा नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों एवं दुष्परिणामों के प्रति युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों को जागरूक करना है। सप्ताह के दौरान स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित विभिन्न वर्गों को “नशा न करेंगे, न करने देंगे” की शपथ भी दिलाई जाएगी।

*2 अक्टूबर को नशामुक्ति रैली और प्रदर्शनी*
शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार
सप्ताह के पहले दिन महात्मा गांधी जयंती पर नशामुक्ति के लिए जन-जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी और नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के लिए नशामुक्ति पर आधारित पोस्टर, फोटो और चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रमों में शामिल नागरिकों को नशा नहीं करने की ऑनलाइन शपथ दिलाई जाएगी।

*3 अक्टूबर को शैक्षणिक प्रतियोगिताएं और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर*

दूसरे दिन स्थानीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में नशामुक्ति विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं, संवाद तथा संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आवासीय नशामुक्ति केंद्रों में नशा पीड़ित व्यक्तियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर लगाए जाएंगे।
शिविरों में नशा पीड़ितों की एचआईवी-एड्स, टीबी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जांच में पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

*4 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में नशामुक्त गांव का संकल्प*

तीसरे दिन ग्राम सभाओं में गांवों को नशामुक्त बनाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। पारित प्रस्तावों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नशामुक्ति संबंधी साहित्य, पोस्टर, पेम्फलेट और अन्य प्रचार सामग्री का वितरण किया जाएगा। ग्राम सभाओं में उपस्थित ग्रामीणों को नशामुक्ति की ऑनलाइन शपथ भी दिलाई जाएगी।

*5 अक्टूबर को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता*

चौथे दिन ग्राम और नगरीय स्तर पर स्थानीय व्हाट्सऐप समूह बनाए जाएंगे। इन समूहों के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश, जागरूकता सामग्री और लघु फिल्में नागरिकों तक पहुंचाई जाएंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

*6 अक्टूबर : महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी*

पांचवें दिन महिला स्व-सहायता समूहों और शौर्या दलों द्वारा स्थानीय स्तर पर नशामुक्ति संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं को परिवार और समाज में नशे के कारण होने वाले आर्थिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। महिला समूह समुदाय को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।

*7 अक्टूबर : स्कूल-कॉलेजों में ऑनलाइन शपथ*

छठवें दिन ग्राम एवं नगरीय क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान के लिए तैयार किए गए स्थानीय मास्टर वॉलंटियर और “नशामुक्ति मित्र” स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन नशामुक्ति शपथ दिलाएंगे। युवाओं को नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया जाएगा।

*8 अक्टूबर : जिला मुख्यालयों पर समापन समारोह*

मद्य निषेध सप्ताह के अंतिम दिन सभी जिला मुख्यालयों पर जिलास्तरीय समापन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें नशामुक्ति पर आधारित नाटक, नृत्य, संगीत और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियां होंगी। सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

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