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मैनपुर में बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता एवं बहु-कक्षा संचालन पर विशेष प्रशिक्षण

मैनपुर में बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता एवं बहु-कक्षा संचालन पर विशेष प्रशिक्षण

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मैनपुर में बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता एवं बहु-कक्षा संचालन पर विशेष प्रशिक्षण

मैनपुर-:-जिला गरियाबंद। जिला समग्र शिक्षा मिशन के सहयोग से आह्वान ट्रस्ट द्वारा मैनपुर विकासखंड में बालवाड़ी प्रभारियों तथा कक्षा 1 एवं 2 के शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक कक्षाओं में शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के साथ बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता एवं बहु-कक्षा संचालन को मजबूत करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता, समान अवसर, विद्यालय में बालिकाओं की सहभागिता, नियमित उपस्थिति एवं सीखने की निरंतरता जैसे विषयों पर चर्चा की गई। गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह चर्चा एवं प्रश्नोत्तर के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए।
बहु-कक्षा संचालन पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम में बहु-कक्षा संचालन पर विशेष रूप से चर्चा की गई। शिक्षकों के साथ अलग-अलग कक्षाओं एवं सीखने के विभिन्न स्तरों वाले बच्चों के साथ एक साथ कार्य करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार समूह निर्माण, गतिविधि आधारित शिक्षण, समय प्रबंधन, समूह कार्य तथा सभी बच्चों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा की गई।
बीईओ देवनाथ बघेल ने कहा
विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवनाथ बघेल ने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की सीखने की नींव मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। बहु-कक्षा जैसी परिस्थितियों में शिक्षक बेहतर योजना और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से सभी बच्चों को सीखने के समान अवसर दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा और लैंगिक समानता को विद्यालय की दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाकर बच्चों में समानता और सम्मान की भावना विकसित की जा सकती है।
बीआरसी शिवकुमार नागे ने कहा
विकासखंड स्रोत समन्वयक शिवकुमार नागे ने कहा कि बहु-कक्षा संचालन में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अलग-अलग स्तर के बच्चों की आवश्यकताओं को समझकर समूह आधारित एवं गतिविधि आधारित शिक्षण अपनाने से कक्षा में प्रत्येक बच्चे की सहभागिता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त सीख को विद्यालय की नियमित शिक्षण प्रक्रिया में लागू करने का आह्वान किया।
बालिका शिक्षा एवं लैंगिक समानता
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में बालक एवं बालिकाओं को समान अवसर, समान सहभागिता और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। बालिकाओं की नियमित उपस्थिति, कक्षा में सक्रिय सहभागिता तथा सीखने की निरंतरता में परिवार एवं समुदाय की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के समन्वयक भुवेंद्र कुमार बघेल ने कहा कि बालिका की शिक्षा केवल उसके व्यक्तिगत विकास का विषय नहीं, बल्कि परिवार और समाज के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सम्मान और अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवनाथ बघेल, विकासखंड स्रोत समन्वयक शिवकुमार नागे, जिला प्रशिक्षण समूह की सोनाली मड़ावी एवं दिनेश कुमार नेताम की सहभागिता रही।
प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को यह संदेश दिया गया कि हर बच्चे को समान सीखने का अवसर मिले, प्रत्येक बालिका शिक्षा से जुड़े और बहु-कक्षा में प्रभावी शिक्षण सुनिश्चित हो।

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