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“चलो एक कदम बढायें आत्म निर्भरता की और’’दिव्यांग जनों ने सीखे स्वरोजगार के गुर

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इंदौर-:-जहां चाह है वहीं राह है – कहावत से अभिप्राय है की यदि इन्शान में कुछ कर गुजरने की चाह मन लगन और जीवन के प्रति प्रेम आशा जीने की प्रबल इक्षा है तो इश्वर भी हमें सही राह दिखाता है फिर चाहे परिस्थितिया कैसी भी हो ।
समाज में यदि किसी इन्सान में कोई किसी भी तरह की दिव्यांगता होती है तो उस इन्सान का जीवन बहुत कठिन होता है । लोगो का नजरिया उनके प्रति नकारात्मक होता है, वे समाज में बेचारा बन के रह जाते है ।
लेकिन यदि उन्हें थोड़ा-सा सहारा और हिम्मत, सहयोग मिल जाए तो वह अपना जीवन सरलता से सम्मान के साथ जी सकते है । दिव्यांगों को सहारा देना उन्हें समाज में सम्मान दिलवाना हम सब की जिम्मेदारी है ।
“जनविकास सोसाइटी” के द्वारा दिव्यांग जनों को आर्थिक,सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 01 अक्टूबर, गुरुवार को मोरोद गांव के शासकीय स्कूल में ई.डी.पी. (उद्यमिता विकास कार्यक्रम) के अंतर्गत 10 दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया ।
10 दिवसीय प्राशिक्षण के माध्यम से दिव्यांग भाई-बहनों को स्वरोजगार के विषय में प्रशिक्षण दिया जा रहा है । प्रशिक्षण कार्यक्रम में 25 दिव्यांगजनों को मोमबत्ती,एवं मोम से बन्ने वाले दिए आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जन विकास सोसायटी के डायरेक्टर सिनोज जोसेफ, आरसेटी (RSETI) के डायरेक्टर राजेश कुमार, मोरूद पंचायत के सरपंच विजय बिलोनिया व संगीता बिलोनिया एवं उपसरपंच राजा पटेल उपस्थित रहे ।
अतिथियों द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को ड्रेस वितरित की गई तथा दिव्यांगजनों को जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया किया गया ताकि वे प्रशिक्षण के माध्यम से समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें ।
कार्यक्रम में मोरूद गाँव की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका,जनविकास से परियोजना समन्वयक आराधना लोधी आदि जन सम्मिलित हुईं ।

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