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अमलीपदर के जिला स्तरीय मेगा शिविर में दिव्यागों का हुआ चिन्हांकन मैनपुर ब्लॉक के 109 और देवभोग के 27 दिव्यागों का हुआ पंजीयन

अमलीपदर के जिला स्तरीय मेगा शिविर में दिव्यागों का हुआ चिन्हांकन मैनपुर ब्लॉक के 109 और देवभोग के 27 दिव्यागों का हुआ पंजीयन

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✍️ लोकहित 24 न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़ 

गरियाबंद _गत दिनों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान,दिव्यांगता का आकलन और उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 13 अक्टूबर को अमलीपदर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिला स्तरीय मेगा शिविर आयोजित किया गया।समग्र शिक्षा के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में मैनपुर और देवभोग विकासखंड के कुल 136 बच्चों का चिन्हांकन किया गया!तथा उन्हें पात्रता अनुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए।विद्यालय शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा,जिला गरियाबंद के तत्वाधान में आयोजित शिविर में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों सीडब्ल्यूएसएन की पहचान और आकलन कार्यक्रम का हिस्सा था।इसमें मैनपुर विकासखंड के 109 और देवभोग विकासखंड के 27 बच्चों को लाभ मिला।ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांग बच्चों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जांच,दिव्यांगता का आकलन और प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया कई बार कठिन हो जाती है।ऐसे में स्थानीय स्तर पर शिविर आयोजित किए जाने से बच्चों और उनके अभिभावकों को आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए दूरस्थ स्थानों तक जाने की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।दिव्यांगता प्रमाण पत्र पात्र बच्चों को नियमानुसार उपलब्ध विभिन्न शासकीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण दस्तावेज है।इसके माध्यम से शिक्षा,स्वास्थ्य,पुनर्वास और अन्य सहायता सेवाओं तक उनकी पहुंच सुगम बनाने का प्रयास किया जाता है।विशेषज्ञों के अनुसार,दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास के लिए उनकी पहचान और प्रमाण पत्र जारी करने के साथ-साथ आगे की सहायता भी महत्वपूर्ण है।बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप समावेशी शिक्षा,स्वास्थ्य सेवाएं, पुनर्वास,सहायक उपकरण और पात्रतानुसार शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।मैनपुर और देवभोग जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में इन सुविधाओं का प्रभावी लाभ सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों को योजनाओं की जानकारी देना,नियमित‌ मार्गदर्शन उपलब्ध कराना तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखना भी जरूरी है!शिविर में दोनों विकासखंडों के कुल 136 बच्चों का पंजीयन कर चिन्हांकन चिन्हांकन किया गया।अब इन बच्चों को उनकी आवश्यकताओं और पात्रता के अनुरूप शैक्षणिक,स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाओं से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा।शिविर में प्रमुखरूप से गरियाबंद समग्र शिक्षा के डी.एम.सी शिवांश शुक्ला,बीआरसीसी शिवकुमार नागे,प्राचार्य वरुण चक्रधारी, आलोक राव वाघे,संकुल समन्वयक सुभाष पाण्डेय,राजेश राव शिंदे,भानुप्रताप राठौर,दिनेश नेताम,भूषण पाड़े, किशोर प्रसाद मिश्रा,प्रताप सिंह टोप्पो,वीरेंद्र कुमार यादव,मनोहर लाल ध्रुव,जगजीवन प्रधान, राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक उमेश श्रीवास,देवनाथ चौहान,तीरथ श्रीवास,श्रीमती स्वाति वाघे,इंदु वाघे,पूनम साहू,चिकित्सक टीम देवभोग के दिलीप भारती,एकता, एपीसी योगेश पटेल,एवं शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमलीपदर के छात्र-छात्राओं के NSS टीम,भोजन व्यवस्था के कर्मचारी, सहित मैनपुर एवं देवभोग विकासखण्ड के समस्त शिक्षकों द्वारा सराहनीय योगदान दिया गया!

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