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दीपावली पर गरीबों के घर नहीं जले उम्मीद के चूल्हे, राशन के लिए भटकते रहे सैकड़ों हितग्राही कौंदकेरा में राशन कार्ड से नाम कटने के कारण नहीं मिला चावल, वितरण केंद्र से खाली हाथ लौटे ग्रामीण युवा नेता किरण टंडन ने खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

दीपावली पर गरीबों के घर नहीं जले उम्मीद के चूल्हे, राशन के लिए भटकते रहे सैकड़ों हितग्राही कौंदकेरा में राशन कार्ड से नाम कटने के कारण नहीं मिला चावल, वितरण केंद्र से खाली हाथ लौटे ग्रामीण युवा नेता किरण टंडन ने खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

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राजिम-:- 7 नवंबर दीपावली का त्योहार जहां हर घर में खुशियां और उल्लास लेकर आता है, वहीं ग्राम कौंदकेरा के सैकड़ों गरीब परिवारों के लिए यह पर्व राशन की चिंता लेकर आया है। खाद्य विभाग की कथित लापरवाही के चलते अनेक हितग्राही सरकारी चावल से वंचित रह गए। त्योहार के मद्देनजर राशन लेने पहुंचे ग्रामीणों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब राशन कार्ड से नाम कट जाने के कारण उन्हें चावल देने से मना कर दिया गया। आखिरकार कई ग्रामीण वितरण केंद्र से खाली हाथ अपने घर लौटने को मजबूर हुए।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कौंदकेरा स्थित चावल वितरण केंद्र में राशन लेने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे। इनमें ऐसे हितग्राही भी शामिल थे, जो लंबे समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से मिलने वाले चावल पर निर्भर हैं। लेकिन राशन वितरण के दौरान कई लोगों को पता चला कि उनके राशन कार्ड से नाम कट चुके हैं। इसके चलते उन्हें निर्धारित खाद्यान्न नहीं मिल सका। त्योहार के ठीक पहले सामने आई इस समस्या ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार के समय गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि पात्र हितग्राहियों के नाम राशन कार्ड से कट जाते हैं और उन्हें समय पर इसकी जानकारी भी नहीं मिलती, तो इसका सीधा असर उनके परिवारों पर पड़ता है। त्योहार की तैयारियों के बीच राशन के लिए वितरण केंद्र पहुंचने और फिर खाली हाथ लौटने से लोगों में नाराजगी है।
इस मामले को लेकर युवा नेता किरण टंडन ने खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व के समय सैकड़ों ग्रामीणों का राशन से वंचित रह जाना बेहद चिंताजनक है। जिन गरीब परिवारों को शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली से खाद्यान्न मिलना चाहिए, उन्हें ही अपने हक के राशन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। विभाग को इस समस्या का समय रहते समाधान करना चाहिए था।
किरण टंडन ने खाद्य विभाग से मांग की है कि राशन कार्ड से जिन हितग्राहियों के नाम काटे गए हैं, उनकी तत्काल जांच कराई जाए। यदि संबंधित हितग्राही पात्र हैं तो उनके नाम प्राथमिकता के आधार पर दोबारा जोड़े जाएं और उन्हें लंबित राशन का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को तकनीकी या प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारियों से भी मामले को गंभीरता से लेने तथा तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही मांग की है कि कौंदकेरा में प्रभावित हितग्राहियों की सूची तैयार कर उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद परिवार को सरकारी राशन के लिए भटकना न पड़े।
अब देखना यह होगा कि खाद्य विभाग ग्रामीणों की इस परेशानी पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और दीपावली के अवसर पर राशन से वंचित परिवारों को उनका हक कब तक मिल पाता है।

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