सिर्रीखुद में सोनी परिवार द्वारा भागवत कथा का आयोजन

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फिंगेश्वर–:–ग्राम सिर्रीखुर्द फिंगेश्वर में सोनी परिवार द्वारा चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत का गुरुवार को तुलसी वर्षा, गीता सार व परीक्षित मोक्ष कथा के साथ गुरुवार को हुआ जिसका समापन शुक्रवार को गीता पाठ पूणिहुति गंगा स्नान के साथ रविवार को समापन होंगे। इस दौरान आयोजक परिवार ने भव्य शोभायात्रा भी निकाली।

कथा वाचक पं.श्री डिकेश्वर शर्मा जी परायणकर्ता ओम शर्मा शुभम मिश्रा महिपाल तिवारी मिलन पांडेय महाराज के द्वारा समापन अवसर पर हवन पूजन किया।उन्होंने बताया कि श्रंगी ऋषि के श्राप को पूरा करने के लिए तक्षक नामक सांप भेष बदलकर राजा परीक्षित के पास पहुंच उन्हें डंस लेता है और जहर के प्रभाव से राजा का शरीर जल जाता है और मृत्यु हो जाती है।वहीं श्रीमद्भागवत कथा सुनने के प्रभाव से राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्त होता है। पिता की मृत्यु को देखकर राजा परीक्षित के पुत्र जन्मेजय क्रोधित होकर सांप को नष्ट करने यज्ञ में आहुतियां डलवाना शुरू कर देते हैं, जिनके प्रभाव से संसार के सभी सांप यज्ञ कुंडों में भस्म होना शुरू हो जाते हैं तब देवता सहित सभी ऋषि मुनि राजा जन्मेजय को समझाते हैं और उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं।कथा स्व.रामभसोरा सोनी स्व.फटकन सोनी स्व.प्यारे लाल स्व.सुदरी बाई सोनी की स्मृति में आयोजित किया गया।समापन अवसर पर आयोजक सोनी परिवार सहित ग्रामवासियों ने खुलकर चढ़ोत्तरी भी चढ़ाई।इस दौरान आयोजन कर्ता ओमकार सोनी, भीम सोनी, कृष्ण कुमार सोनी,मदन सोनी, लेख नारायण सोनी,राजेश सोनी एवं समस्त सोनी परिवार सिर्रीखुर्द व परिवार के अन्य सदस्य, ग्रामवासियों शामिल रहे।कथा श्रवण से पापों का होता है नाश:कथा वाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत के श्रवण से जन्म जन्मांतर के पापों का नाश होता है और विष्णु लोक की प्राप्ति होती है।उन्होंने कहा कि संसार में मनुष्य को सदा अच्छे कर्म करना चाहिए तभी उसका कल्याण संभव है।माता पिता के संस्कार ही संतान में जाते हैं।संस्कार ही मनुष्य को महानता की ओर ले जाता है। जिसमें आसपास के ग्रामीण जन भारी जनसंख्या में उपस्थित थे।

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