बेटी के जन्मदिन पर खुशियों की जगह चुनी जनसेवा की राह, गरीब मरीज के इलाज का उठाया बीड़ा“भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री देवेंद्र सिंह ठाकुर की संवेदनशील पहल, ग्रामीण जरूरतमंदों को बेहतर उपचार से जोड़ने का संकल्प”

बेटी के जन्मदिन पर खुशियों की जगह चुनी जनसेवा की राह, गरीब मरीज के इलाज का उठाया बीड़ा“भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री देवेंद्र सिंह ठाकुर की संवेदनशील पहल, ग्रामीण जरूरतमंदों को बेहतर उपचार से जोड़ने का संकल्प”

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बेटी के जन्मदिन पर खुशियों की जगह चुनी जनसेवा की राह, गरीब मरीज के इलाज का उठाया बीड़ा“भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री देवेंद्र सिंह ठाकुर की संवेदनशील पहल, ग्रामीण जरूरतमंदों को बेहतर उपचार से जोड़ने का संकल्प”

देवभोग/मैनपुर–:– बेटी का जन्मदिन परिवार के लिए खुशियों और उत्सव का अवसर होता है, लेकिन भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री देवेंद्र सिंह ठाकुर ने इस खुशी को समाज के जरूरतमंद वर्ग के साथ साझा करने का अनूठा संकल्प लेकर इसे जनसेवा का अवसर बना दिया।

बेटी के जन्मदिन पर उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर एक गरीब मरीज के इलाज में सहयोग करने और आवश्यकता के अनुरूप उसके बेहतर उपचार की व्यवस्था के लिए हरसंभव प्रयास करने का प्रण लिया है। उनकी इस पहल ने व्यक्तिगत खुशी को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए जनसेवा की एक संवेदनशील तस्वीर सामने रखी है।ग्रामीण अंचलों में आज भी अनेक परिवार आर्थिक तंगी, अस्पतालों की दूरी और उपचार की बढ़ती लागत के कारण गंभीर बीमारी के सामने असहाय महसूस करते हैं। ऐसे परिवारों के लिए बीमारी केवल स्वास्थ्य का संकट नहीं, बल्कि आर्थिक और पारिवारिक संकट भी बन जाती है। इसी जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए देवेंद्र सिंह ठाकुर ने जरूरतमंद मरीजों के उपचार में सहयोग को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की पहल की है।ठाकुर की इस पहल का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। जरूरतमंद मरीज को उचित चिकित्सा संस्थान तक पहुंचाना, उपलब्ध शासकीय योजनाओं और संसाधनों की जानकारी दिलाना तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्तर पर समन्वय स्थापित कर उपचार की राह आसान करना भी इस प्रयास का हिस्सा बताया गया है।संगठन की जिम्मेदारी के साथ समाज की चिंता भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री के रूप में देवेंद्र सिंह ठाकुर संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके साथ ही रायपुर जिले के प्रभारी के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों से उनका निरंतर संपर्क बना हुआ है। संगठनात्मक दायित्व के दौरान गांवों में किसानों, श्रमिकों और आम नागरिकों से संवाद ने उन्हें ग्रामीण समाज की वास्तविक समस्याओं को नजदीक से समझने का अवसर दिया है।स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानियां भी इन्हीं जनसंपर्कों के दौरान सामने आती रही हैं। यही कारण है कि जनसेवा के क्षेत्र में स्वास्थ्य सहायता को प्राथमिकता देने की पहल को ग्रामीण समाज के लिए उपयोगी कदम माना जा रहा है।ठाकुर का स्पष्ट मानना है कि किसी गरीब व्यक्ति को केवल आर्थिक कमजोरी के कारण बेहतर चिकित्सा सुविधा से वंचित नहीं होना चाहिए। बीमारी की घड़ी में मरीज और उसके परिवार को सही मार्गदर्शन तथा यथासंभव सहयोग मिलना जरूरी है। इसी सोच के साथ जरूरतमंद लोगों को बेहतर उपचार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।जरूरतमंदों की मदद में पहले भी रहे सक्रिय जनसेवा से जुड़े लोगों के अनुसार देवेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा पूर्व में भी गंभीर बीमारी से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता के प्रयास किए जाते रहे हैं। उपचार के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने,मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने तथा प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक पहल करने जैसे कार्यों में सहयोग किए जाने की जानकारी सामने आई है।कई जरूरतमंद मरीजों के उपचार के लिए मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से प्रकरण की जानकारी देकर सहायता दिलाने का प्रयास भी किया गया। हालांकि प्रत्येक मरीज को मिलने वाली सहायता संबंधित अस्पताल,शासकीय योजना और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।यही कारण है कि ठाकुर की वर्तमान पहल को किसी एक मरीज तक सीमित प्रयास के बजाय ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को लेकर सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ाने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।देवभोग-मैनपुर से रायपुर तक बनेगा सहयोग का सेतु देवभोग और मैनपुर अंचल से जुड़े रहने के साथ रायपुर जिले की जिम्मेदारी संभालने के कारण देवेंद्र सिंह ठाकुर का संपर्क क्षेत्र अब व्यापक है। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को राजधानी रायपुर में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचाने और आवश्यक मार्गदर्शन दिलाने की दिशा में समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक परिवारों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि किस अस्पताल में उपचार कराया जाए, कौन-सी शासकीय योजना का लाभ मिल सकता है और आर्थिक सहायता के लिए किस स्तर पर संपर्क किया जाए। ऐसे में सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।ठाकुर की पहल इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण और शहरी चिकित्सा सुविधाओं के बीच सहयोग का सेतु बनाने की दिशा में एक प्रयास के रूप में सामने आई है।देवभोग जन सेवा समिति के माध्यम से सेवा को मिलेगा विस्तार व्यक्तिगत स्तर पर किए जा रहे सेवा कार्यों को संस्थागत रूप देने के उद्देश्य से देवभोग जन सेवा समिति छत्तीसगढ़ के माध्यम से भी सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की पहल की जा रही है। उपलब्ध विवरण के अनुसार समिति का पंजीयन देवभोग क्षेत्र से संबंधित है और संस्था का कार्यक्षेत्र संपूर्ण रायपुर, छत्तीसगढ़ बताया गया है।संस्था के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे भविष्य में स्वास्थ्य सहायता सहित अन्य जनकल्याणकारी गतिविधियों को भी व्यापक स्तर पर संचालित करने की संभावनाएं बनती हैं।जन्मदिन का उत्सव बना सेवा का संकल्प देवेंद्र सिंह ठाकुर की पहल का सबसे भावनात्मक पक्ष यह है कि बेटी के जन्मदिन जैसे निजी और पारिवारिक अवसर को उन्होंने जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता से जोड़ने का निर्णय लिया। इससे समाज में यह संदेश जाता है कि खुशी केवल अपने परिवार तक सीमित रखने के बजाय किसी जरूरतमंद के जीवन में राहत और उम्मीद पैदा करने का माध्यम भी बन सकती है।सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों के लिए जनसेवा का महत्व उनके पद से कहीं अधिक उनके व्यवहार और संवेदनशीलता से निर्धारित होता है। जरूरतमंद की पीड़ा को समझना, उसकी समस्या को संबंधित स्तर तक पहुंचाना और समाधान के लिए प्रयास करना ही जनसेवा की वास्तविक भावना को मजबूत करता है।बेटी के जन्मदिन पर गरीब मरीज के इलाज का संकल्प इसी भावना का परिचायक है। यह पहल न केवल एक जरूरतमंद परिवार के लिए आशा की किरण बन सकती है, बल्कि समाज के अन्य सक्षम लोगों को भी अपने व्यक्तिगत उत्सवों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए प्रेरित कर सकती है।सेवा की राह पर एक सकारात्मक पहल देवेंद्र सिंह ठाकुर की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए उपचार की व्यवस्था एक महत्वपूर्ण सामाजिक आवश्यकता बनी हुई है। ऐसे में किसी जनसेवक द्वारा व्यक्तिगत खुशी के अवसर को सेवा के संकल्प में बदलना निश्चित रूप से एक सकारात्मक सामाजिक संदेश देता है।जनसेवा की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े उस व्यक्ति तक पहुंचे, जिसके पास कठिन समय में सहायता मांगने के सीमित साधन हैं। बेटी के जन्मदिन पर लिया गया यह संकल्प इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है।देवेंद्र सिंह ठाकुर की इस पहल से यह संदेश भी उभरता है कि उत्सव की वास्तविक सार्थकता तब बढ़ जाती है, जब किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लौटाने का माध्यम बन जाए। व्यक्तिगत खुशी को जनहित के संकल्प में बदलने की यह सोच यदि निरंतरता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ती है, तो निश्चित रूप से ग्रामीण अंचल के जरूरतमंद परिवारों के लिए यह एक उपयोगी और प्रेरणादायी पहल साबित हो सकती है।

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