जनजातीय कारीगर सूचीबद्ध मेले में जिले के हस्तशिल्प एवं जनजातीय उत्पादों को मिला बाजार का मंच

जनजातीय कारीगर सूचीबद्ध मेले में जिले के हस्तशिल्प एवं जनजातीय उत्पादों को मिला बाजार का मंच

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✍️ लोकहित 24 न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़ 

गरियाबंद _ आदिवासी विकास विभाग, ट्राइफेड इंडिया, ट्राइब्स इंडिया एवं जिला प्रशासन गरियाबंद के संयुक्त तत्वावधान में वन विभाग के ऑक्शन हॉल में जनजातीय कारीगर सूचीबद्ध मेले का आयोजन किया गया मेले में जिले के जनजातीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वनधन विकास केन्द्रों, एफपीओ एवं जनजातीय उद्यमियों को ट्राइफेड से जोड़ते हुए उनके उत्पादों को बेहतर विपणन अवसर उपलब्ध कराकर तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है मेले में जिले के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की विभिन्न स्व-सहायता समूहों एवं संकुल संगठनों ने अपने हस्तनिर्मित एवं प्राकृतिक उत्पादों के स्टॉल लगाए थे इनमें मां गायत्री स्व सहायता समूह द्वारा हस्तनिर्मित राखियों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया श्रीमती कुलेश्वर कमार एवं जय भवानी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने सूपा, टोकनी, गुलदस्ता तथा बांस के टुकड़ों से निर्मित मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमा सहित विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया इसी तरह महादेव समूह की महिलाओं द्वारा साबुन, डिशवॉश, टॉयलेट क्लीनर एवं फिनायल जैसे घरेलू उपयोग के उत्पाद प्रदर्शित किए गए अंगारमोति समूह एवं जरंडी समूह की महिलाओं ने बांस की टोपी, सूपा, टुकना एवं बांस से निर्मित झाड़ू सहित विभिन्न उत्पादों का स्टॉल लगाया। वहीं तिरंगा संकुल संगठन, रानी परतेवा द्वारा कोदो एवं रागी से तैयार लड्डुओं का विक्रय किया गया मेले में वस्त्र एवं हस्तकला, धातु शिल्प, जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद, मिट्टी शिल्प, बांस एवं बेंत शिल्प, जनजातीय आभूषण, हस्तनिर्मित उपहार एवं उपयोगी उत्पाद तथा पारंपरिक चित्रकला जैसी विभिन्न श्रेणियों के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इससे स्थानीय कारीगरों एवं समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ-साथ संभावित बाजार और ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिला इस अवसर पर ट्राइफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री संदीप शर्मा ने कहा कि जनजातीय कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं आगामी बड़े आयोजनों में भी इन कारीगरों एवं समूहों को स्टॉल उपलब्ध कराकर उनके उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि उन्हें व्यापक बाजार से जोड़ा जा सके जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर ने कहा कि गरियाबंद जिले के जनजातीय कारीगरों एवं महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल से तैयार किए जा रहे उत्पादों में रोजगार एवं आय बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं ऐसे आयोजनों से उन्हें अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और नई पहचान बनाने का अवसर मिलता है उन्होंने कारीगरों एवं समूहों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर अधिक से अधिक बाजारों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया इस दौरान कुल्हाड़ीघाट के सरपंच श्री बनसिंग सोरी, आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री लोकेश पटेल, जिला परियोजना प्रबंधक श्री पतंजल मिश्रा, श्री रमेश वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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