[gtranslate]

शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर गरियाबंद में प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक, बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने पर विशेष जोर

शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर गरियाबंद में प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक, बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने पर विशेष जोर

इन्हे भी जरूर देखे

शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर गरियाबंद में प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक, बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने पर विशेष जोर

गरियाबंद-:-04 नवम्बर 2026/ जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार एवं विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल की जा रही है। इसी क्रम में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के त्रैमासिक परीक्षा परिणामों के विश्लेषण एवं आगामी शैक्षणिक कार्ययोजना तैयार करने हेतु 29 अक्टूबर 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष, गरियाबंद में जिले के समस्त हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।


बैठक में कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार की दिशा में कलेक्टर श्री शर्मा द्वारा गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल गरियाबंद एवं स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यार्थियों के अध्ययन स्तर का जायजा लिया तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने और परीक्षा परिणामों में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया।


बैठक में कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों का विकासखंडवार एवं विषयवार विश्लेषण कर कमजोरियों की पहचान करें तथा आगामी मासिक, अर्धवार्षिक एवं प्री-बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें। आगामी बोर्ड परीक्षा में जिले के टॉप 30 विद्यार्थियों को टॉप 10 में स्थान दिलाने, डी ग्रेड के विद्यार्थियों के लिए विशेष उपचारात्मक शिक्षण, पाठ्यक्रम समय-सीमा में पूर्ण करने, प्रोजेक्ट एवं प्रायोगिक कार्यों को समय पर पूरा कराने तथा विद्यार्थियों में नियमित अध्ययन एवं स्पष्ट लेखन की आदत विकसित करने पर जोर दिया गया।
कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विज्ञान एवं गणित संकाय के विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करने, मेधावी विद्यार्थियों के लिए पीटीएम आयोजित करने तथा कक्षा 5वीं के विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा एवं कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को एनएमएमएस परीक्षा की तैयारी कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर नियमित टेस्ट, उपचारात्मक शिक्षण एवं रेमेडियल शिक्षण के माध्यम से उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने तथा संकुल एवं विकासखंड स्तर पर विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग कर जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने समस्त प्राचार्यों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि जिले के परीक्षा परिणामों में गुणात्मक सुधार लाया जा सके। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक विद्यालय में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतर हो तथा जिले के विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गरियाबंद जिले का नाम रोशन करें। कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने कहा कि प्रत्येक कक्षा में पढ़ाई का स्पष्ट लर्निंग आउटकम दिखाई देना चाहिए। बच्चों ने कक्षा में जो कुछ सीखा है, उसका प्रतिफल उनके ज्ञान और समझ में नजर आना चाहिए। उन्होंने सभी प्राचार्यों को शिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और नियमित रूप से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम सुश्री हितेश्वरी बाघे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश चंद्राकर, डीएमसी श्री शिवेश शुक्ला, श्री श्याम चंद्राकर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

Must Read