आजीविका मिशन से मिली नई पहचान, फूलमाला व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनीं श्रीमती टीना बागवान समूह से जुड़कर आत्मविश्वास बढ़ा, आज 12 हजार रुपये से अधिक की मासिक आय

आजीविका मिशन से मिली नई पहचान, फूलमाला व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनीं श्रीमती टीना बागवान समूह से जुड़कर आत्मविश्वास बढ़ा, आज 12 हजार रुपये से अधिक की मासिक आय

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देवास–:–मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं से जुड़कर एवं लाभ पाकर महिलाएं सशक्त होकर सफलता की नई इबारत लिख रही है। शासन की यह योजनाएं महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। महिलाएं आजीविका मिशन से जुड़कर न केवल स्वयं सशक्त हो रही हैं बल्कि अपने परिवार का आर्थिक स्तर भी ऊंचा उठा रही है।
विकासखंड सोनकच्छ के ग्राम गंधर्वपुरी निवासी श्रीमती टीना बागवान की कहानी बताती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज में भी अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। श्रीमती टीना बागवान बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनकी अपनी कोई अलग पहचान नहीं थी। लोग उन्हें केवल उनके पति के नाम से जानते थे। अपनी बात रखने का आत्मविश्वास भी उनमें नहीं था। परिवार सामान्य खेती पर निर्भर था, जिससे घर का खर्च चलाना कठिन होता था और अनेक आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
वर्ष 2021 में ग्राम गंधर्वपुरी में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की टीम द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में उन्होंने स्वयं सहायता समूह की जानकारी प्राप्त की। मिशन की प्रेरणा से उन्होंने लक्ष्मी आजीविका समूह का गठन किया और समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया। समूह को प्राप्त प्रथम सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से 20 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने फूलों की खेती प्रारंभ की तथा फूलमाला बनाने का कार्य शुरू किया। इसके बाद आजीविका मिशन के सहयोग से 40 हजार रुपये की सीसीएल राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने अपने फूल एवं फूलमाला व्यवसाय का विस्तार किया। व्यवसाय बढ़ने के साथ उनके पति और बच्चे भी इस कार्य में सहयोग करने लगे। बाद में 40 हजार रुपये का अतिरिक्त ऋण लेकर उन्होंने व्यवसाय को और आगे बढ़ाया। अब उनका परिवार शादी-विवाह, धार्मिक आयोजनों एवं अन्य कार्यक्रमों में फूल सजावट, डेकोरेशन तथा मारुति वैन के माध्यम से पुष्प वर्षा जैसी सेवाएं भी व्यवसायिक रूप से उपलब्ध करा रहा है। वर्तमान में वे अपने फूल एवं फूलमाला व्यवसाय से प्रतिमाह 12 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं।
आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ उनके परिवार के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। श्रीमती टीना बागवान का सपना अपने फूल एवं फूलमाला व्यवसाय को और अधिक विस्तारित करना है। उनका लक्ष्य अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाकर लगातार “लखपति दीदी” के रूप में अपनी पहचान बनाए रखना है। वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनकर उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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