[gtranslate]

जयकारों और जसगीत के बीच गरियाबंद में मां दुर्गा को विदाई विजयादशमी पर नगर के प्रमुख मार्गों से निकली विसर्जन यात्राएं, छिंद तालाब में हुआ प्रतिमाओं का सांकेतिक विसर्जन

जयकारों और जसगीत के बीच गरियाबंद में मां दुर्गा को विदाई विजयादशमी पर नगर के प्रमुख मार्गों से निकली विसर्जन यात्राएं, छिंद तालाब में हुआ प्रतिमाओं का सांकेतिक विसर्जन

इन्हे भी जरूर देखे

✍️ लोकहित 24 न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़ 

गरियाबंद _ विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को गरियाबंद नगर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के सांकेतिक विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि का समापन हुआ सुबह से ही नगर के विभिन्न दुर्गा पंडालों से विसर्जन यात्राएं निकलनी शुरू हो गईं जसगीत, बाजे-गाजे और मां के जयकारों के बीच श्रद्धालु प्रतिमाओं को लेकर छिंद तालाब पहुंचे नौ दिनों तक मां की आराधना में लीन रहे भक्तों ने नम आंखों से विदाई देकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

नगर के चौक-चौराहों से गुजरी विसर्जन यात्रा

गरियाबंद में विजयादशमी पर विसर्जन को लेकर सुबह से ही उत्सवी माहौल रहा सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति गांधी मैदान सहित विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्य और श्रद्धालु पारंपरिक तरीके से मां की प्रतिमाओं को विदाई देने निकले। जसगीत की धुन पर झूमते भक्तों और गूंजते जयकारों से नगर के प्रमुख मार्गों पर धार्मिक उल्लास नजर आया कहीं बाजे-गाजे के साथ यात्रा निकली तो कहीं श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए मां को विदा करने पहुंचे इस दौरान सड़क के दोनों और भी मां दुर्गा के विदाई दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लोगों ने पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की।

छिंद तालाब बना विसर्जन का प्रमुख केंद्र

नगर में प्रतिमा विसर्जन के लिए छिंद तालाब पर विशेष व्यवस्था की गई थी नगर पालिका प्रशासन की व्यवस्था के तहत प्रतिमाओं का सांकेतिक विसर्जन क्रेन की मदद से कराया गया श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तालाब परिसर में साफ-सफाई, रोशनी और पेयजल सहित आवश्यक इंतजाम किए गए थे विसर्जन के दौरान पालिका के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे, वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।

नौ दिनों तक पंडालों में गूंजते रहे जसगीत

नवरात्रि के दौरान गरियाबंद के गांधी मैदान, बजरंग चौक, यादव पारा, सुभाष चौक, शिक्षक नगर, सिविल लाइन और संतोषी मंदिर सहित कई स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। इन पंडालों में प्रतिदिन पूजा-अर्चना, जसगीत, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। गुजराती समाज और श्री सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति के गरबा आयोजन भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। विजयादशमी पर प्रतिमाओं की विदाई के साथ नगर में नौ दिनों से चल रहा भक्तिमय माहौल अगले वर्ष मां के आगमन की प्रतीक्षा में बदल गया।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

Must Read