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वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत गरियाबंद में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित बेहराबुड़ा के ग्रामीणों को वितरित की गई टॉर्च, विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों से सुरक्षा के उपाय बताए गए चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक

वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत गरियाबंद में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित बेहराबुड़ा के ग्रामीणों को वितरित की गई टॉर्च, विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों से सुरक्षा के उपाय बताए गए चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक

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वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत गरियाबंद में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बेहराबुड़ा के ग्रामीणों को वितरित की गई टॉर्च, विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों से सुरक्षा के उपाय बताए गए
चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक

गरियाबंद -:-09 अक्टूबर 2026/ वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत निर्धारित थीम “जुड़े आवास-वन्यजीवन का विकास” के तहत वनमंडलाधिकारी श्री मयंक पांडे के निर्देश पर वन परिक्षेत्र गरियाबंद में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के तहत वन्यप्राणियों के संरक्षण, मानव-वन्यजीव द्वंद्व की रोकथाम तथा आम नागरिकों में वन एवं वन्यजीवों के प्रति नागरिकों को जागरूक किया गया।


वन्यप्राणी-मानव द्वंद्व प्रभावित क्षेत्र बेहराबुड़ा में जनप्रतिनिधियों एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्यों की उपस्थिति में ग्रामीणों को टॉर्च वितरित की गई। इस दौरान ग्रामीणों को वन्यप्राणियों की उपस्थिति वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने तथा अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की समझाइश दी गई। विद्यालय में विद्यार्थियों को तेंदुआ, भालू सहित अन्य वन्यप्राणियों के दिखाई देने पर घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखने, वन्यप्राणियों को परेशान नहीं करने तथा ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने की जानकारी दी गई। साथ ही मानव-वन्यजीव द्वंद्व से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता के महत्व को समझाया गया।


इसी क्रम में वन परिसर स्थित ऑक्शन हॉल में बच्चों के लिए वन एवं वन्यजीव आधारित चित्रकला और स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, जैव विविधता के संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन में वन्यप्राणियों की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराया गया।

बच्चों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रमों के सफल आयोजन में उपवनमंडलाधिकारी एवं परिक्षेत्र अधिकारी गरियाबंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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